कोर्ट ने दामाद और समधी को सुनाई उम्रकैद की सजा, तीनों दोषियों पर जुर्माना भी, जानें हैरान करने वाला मामला

Nalanda News: अदालत ने अभियुक्त धनुषधारी यादव को शस्त्र अधिनियम के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है. यह राशि न भरने पर अतिरिक्त 3 महीने की सजा होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

Nalanda News: नालंदा में जिला कोर्ट ने एक पारिवारिक विवाद में पिता की हत्या के मामले में सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत ने दामाद लल्लू यादव, समधी राजबल्लभ यादव, और एक अन्य अभियुक्त धनुषधारी यादव को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा.

कब का है मामला

मामला वर्ष 2019 में दर्ज किया गया था, जिसमें सूचक जीतू कुमार ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन निशा कुमारी उर्फ प्रीति को शादी के बाद से ही दामाद लल्लू यादव और उसके परिवार वालों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था. पति लल्लू यादव, निशा को उसके ससुराल लोदीपुर, शेखपुरा नहीं ले जा रहा था, जिससे दोनों परिवारों में विवाद गहराता गया.

इस पारिवारिक तनाव ने एक हिंसक मोड़ तब ले लिया जब 22 जुलाई 2019 की शाम करीब 5:30 बजे, सूचक जीतू कुमार अपने पिता मनोहर यादव के साथ ग्राम हुसैना बीघा में घी लेने जा रहा था. गांव के हरखित दास के घर के पास पहले से घात लगाए बैठे अभियुक्तों ने मनोहर यादव को सीने में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

लल्लू यादव (दामाद), राजबल्लभ यादव (समधी), धनुषधारी यादव (सह-अभियुक्त, पटना जिले के सरकरायनगर निवासी). लल्लू यादव और राजबल्लभ यादव, शेखपुरा जिले के लोदीपुर गांव के निवासी हैं. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाहों ने अदालत में बयान दर्ज कराया. अभियोजन का नेतृत्व अधिवक्ता श्री कुमार ने किया, जबकि आरोपितों की ओर से अधिवक्ता दीपक कुमार रस्तोगी एवं कनीय अधिवक्ता प्रमोद कुमार ने पक्ष रखा.

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कोर्ट ने इसे गंभीर आपराधिक कृत्य बताया

न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि घरेलू विवाद को हिंसा और हत्या में बदल देना एक गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसे समाज में कोई स्थान नहीं मिल सकता. इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सूचक जीतू कुमार ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि पिता की हत्या के पीछे जिन लोगों का हाथ था, आज उन्हें कानून ने सजा दी है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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