Bihar Bhumi: रैयतों को परिमार्जन प्लस पोर्टल से भी नहीं मिल पा रही राहत, दोबारा आवेदन करने को कहा जा रहा

Bihar Bhumi: बिहार में रैयतों को जमाबंदी सुधार के लिए बनाए गए परिमार्जन प्लस पोर्टल से राहत नहीं मिल पा रही है. आवेदन करने के बाद भी सुधार लंबित है. गलतियां बताकर आवेदनों को लौटाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं.

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन से जुड़े जमाबंदी सुधार को लेकर रैयतों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. सरकार ने इसके लिए परिमार्जन प्लस पोर्टल शुरू किया था ताकि लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकें और प्रक्रिया आसान हो सके. लेकिन नए पोर्टल पर डेढ़ महीने से आवेदन अटके रहने के कारण लोग निराश हो रहे हैं.

लोगों ने बताई परेशानी

कई रैयतों का कहना है कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज लगाकर आवेदन किया, फिर भी सुधार नहीं हो रहा है. पोर्टल पर बार-बार यह संदेश आता है कि आवेदन में त्रुटि है और इसे वापस कर दिया गया है.

लोगों ने बताया कि उन्होंने साइबर कैफे और वसुधा केंद्र के माध्यम से आवेदन किया, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ. कुछ रैयतों ने यह भी कहा कि तीन-चार महीने पहले उन्होंने आवेदन किया था, फिर भी अब उन्हें दोबारा परिमार्जन प्लस पर आवेदन करने को कहा जा रहा है.

क्या बोले सीओ

अंचलाधिकारी (CO) मणिकांत कुमार ने बताया कि अब तक 1500 आवेदन आए हैं. इनमें से 602 आवेदनों का काम पूरा हो गया है, जबकि 307 आवेदन में अलग-अलग प्रकार की गलतियां मिली हैं, इसलिए उन्हें रैयतों के लॉगिन पर वापस कर दिया गया है. 591 आवेदन की जांच अभी चल रही है. उन्होंने कहा कि जिनका आवेदन वापस हुआ है, वे अपने लॉगिन पर जाकर गलती सुधारें और दोबारा आवेदन करें. सुधार के बाद जमाबंदी अपडेट हो जाएगी.

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दावा था- आसान हो जाएगी प्रक्रिया

सरकार ने दावा किया था कि परिमार्जन प्लस पोर्टल से प्रक्रिया आसान हो जाएगी और लोगों को कार्यालय नहीं आना पड़ेगा. पहले जमाबंदी सुधार या डिजिटाइजेशन के लिए लंबी और जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था. इसी को देखते हुए नया पोर्टल बनाया गया था. इसमें लोग अपने दस्तावेज और शपथ पत्र लगाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

हकीकत यह है कि आवेदन लंबित रहने और बार-बार वापस किए जाने से रैयतों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं. तीन महीने का समय मिलने के बावजूद शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. लोगों का कहना है कि विभाग जल्द ही कोई ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि जमाबंदी सुधार की प्रक्रिया सच में आसान बन सके.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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