हादसा. पटना के घोसवरी में शेखपुरा के सुजावालपुर की बरात गाड़ी पलटने से चार की मौत से पसरा सन्नाटा
घाटकुसुंभा : घाटकुसुंभा प्रखंड के सुजावलपुर गांव निवासी अनिल साहनी के पुत्र विक्की साहनी की बरात के दौरान तब एक बड़ा हादसा हुआ जब पटना के घोसवरी गांव के समीप एक ट्रैक्टर ट्रॉली से साइड लेकर निकलने के दौरान सवारी गाड़ी गांव के तालाब में जा गिरी. इस घटना में गांव के ही 30 वर्षीय प्रभु साहनी, 65 वर्षीय जमुना साहनी, पटना के बुर्रा गांव निवासी 60 वर्षीय लालधारी चौधरी के अलावे लखीसराय के मुस्तफापुर गांव निवासी राजेंद्र साहनी की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. देर रात्रि हुई इस घटना के बाद सुजावलपुर गांव में शादी का जश्न श्राद्ध की वेदना में बदल कर रह गया. इस घटना के बाद यूं तो शादी समारोह में पटना के पैजना गांव में संपन्न हुई.
लेकिन शोक की संवेदना में दुल्हन अपनी ससुराल नहीं पहुंच सकी. सोमवार की देर रात्रि घटी इस घटना के बाद सुजावलपुर के साथ-साथ पटना के बुर्रा में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. सुजावलपुर गांव के मृतक जमुना साहनी के पीड़ित बहू सरिता देवी ने बताया कि गांव में विक्की की शादी को लेकर काफी उत्साह का माहौल था. शादी के लिए बरात में गांव के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. इसी क्रम में
दुर्घटनाग्रस्त वाहन पर गांव के करीब 35 लोग सवार थे, जिसमें 14 बच्चे भी शामिल थे. इस घटना से जहां संवेदना में गमगीन है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवारों का रो- रो कर बुरा हाल है. मंगलवार की दोपहर सुजावलपुर गांव में सन्नाटा इस कदर है कि अधिकतर घरों के दरवाजे बंद पड़े थे. खास तौर पर मृतक प्रभु साहनी के घर पर ताला लटक रहा था. प्रभु की मौत को लेकर ग्रामीण अर्जुन प्रसाद कहते हैं कि इस हादसे में चार बच्चों के सिर से जिस प्रकार उसके पिता का साया छीन गया उस पीड़ित परिवार के समक्ष जिंदगी एक बड़ी बोझ बन कर रह गयी .मृतक प्रभु नदी से मछली निकाल कर बाजार में बेचकर अपने परिवार की जीविका चलता था.
इस घटना में पीड़ित विधवा का रो-रोकर हाल बुरा है.
शॉर्टकट रास्ता अपनाने में हो गया हादसा : सुजावलपुर गांव से निकली बरात तब हादसे का शिकार हो गयी, जब सवारी गाड़ी के चालक ने पटना के पैजना पहुंचने के लिए शॉर्टकट रास्ते का इस्तेमाल किया. इस बराती में सभी तीन गाड़ी बरातियों को लेकर जा रहे थे. दूल्हा बोलेरो गाड़ी में सवार था जबकि दो अन्य सवारी गाड़ी ही बरातियों को लेकर जा रहे थे. तभी सवारी गाड़ी के चालक ने तीर मोहानी गांव से मोहनपुर होकर पैजना जाने का शॉर्टकट फैसला लिया. इस फैसले के अंजाम से महरूम बराती उमंग में यात्रा कर रहे थे लेकिन रात्रि करीब नौ बजे एक ऐसा वक्त आया कि मौत अपने आगोश में सामने के लिए लोगों को पलक झपकने का भी मौका नहीं दिया. अगर चालक ने और वाहनों की तरह ही सुरक्षित रास्ते से सफर तय करते तो लोगों की जान बच सकती थी.
