बिहारशरीफ नगर निगम के वार्ड संख्या 45 का गंदगी बस्ती घोषित वार्ड है. इस वार्ड के कुछ एरिया स्लम क्षेत्र भी हैं. इस वार्डों में गंदगी ऐसी की गांव को भी मात देे देें. नगर निगम बनने के बाद स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा भी वार्ड की समस्याओं का समाधान करने का मुक्कमल प्रयास आज तक नहीं […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
बिहारशरीफ नगर निगम के वार्ड संख्या 45 का गंदगी बस्ती घोषित वार्ड है. इस वार्ड के कुछ एरिया स्लम क्षेत्र भी हैं. इस वार्डों में गंदगी ऐसी की गांव को भी मात देे देें. नगर निगम बनने के बाद स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा भी वार्ड की समस्याओं का समाधान करने का मुक्कमल प्रयास आज तक नहीं की जा सका है.
बिहारशरीफ : गंदगी और बदहाली से रू-ब-रू होना है तो वार्ड संख्या 45 के मोहल्ले में पहुुंचे. गांवों की बदहाली को भूल जायेंगे. शहर के दक्षिणी छोर पर स्थित इस वार्ड में समस्याओं की भरमार है. सड़क,पेयजल,सफाई की समेत सभी तरह की समस्याएं मौजूद है. इस वार्ड के कई मोहल्ले नरक की याद को ताजा कर रहा है. स्लम क्षेत्र होने के बाद विकास का पर्याप्त उपाय प्रतिनिधियों द्वारा नहीं किये की कहानी स्वयं वार्ड ही बयां कर रहा है.
पीने के लिए जल की भी सुविधा नहीं
इस वार्ड के कई मोहल्ले में आज तक पेयजल के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गयी हैं. यही कारण है गरीबों को प्यास बुझाने के लिए मशक्त करना पड़ रहा है. इस वार्ड में पाइप लाइन का विस्तार सभी क्षेत्र में नहीं की गयी है. चापाकलों की पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण लोगों को पानी के लिए नित्य परेशानी हो रही हैं. पानी पीने के लिए गाड़े गये अधिकतर चापाकल तक खराब है. बिजली रहने पर पानी के अभाव में घरों का खाना पकाना भी मुश्किल हो जाता है.
वार्ड की गलियों की सफाई नहीं:
वार्ड के कई मोहल्ले जैसे नया टोला में सफाई के नाम पर जीरो है. बजबजाती नालियों की स्वयं ब्यां कर रहा है मेरी सफाई करने वाला कोई नहीं हैं. वार्ड के मोहल्ले में कूड़ा कचरा फेंकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं किये जाने के कारण सड़क को ही डंपिग स्थल लोगों ने बना दिया है. नालियों में कूड़ा फेंकने को लोग मजबूर है.
गरीबों के घरों तक नही है बिजली का तार:
हर घर को बिजली पर कैसे. यह बताने वाले कोई नहीं हैं. इस वार्ड के कई मोहल्ले में बिजली के पोल तार तक की व्यवस्था नहीं है. जुगाड तकनीक के सहारे लोग जोखिम उठाकर बिजली का इस्तेमाल तो कर रहें है लेकिन खतरे से कम नहीं है.
गरीबों के घरों में नहीं है शौचालय
शहर को खुले मे ंशौच करने की प्रथा को निजात दिलाये जाने के लिए अभियान चलाया रहा है. लेकिन इस वार्ड के लोगों को पूर्ण लाभ नहीं मिल रहा हैं.गरीबों के घरों में शौचालय बनाने की पहल नहीं की जा रही हैं. सरकारी स्तर पर शौचालय नहीं बनाये जाने की बात लोग कह रहें है.
वार्ड की आबादी 75000
वोटरों की संख्या 5500
स्टैंड पोस्ट की संख्या 03
चापाकल की संख्या 09
वार्ड के मोहल्ले
टिलकापर, छह मजार, डगरपर, बड़ी दरगाह, नया टोला, तालाब पर,
अभी तक मूलभूत सुविधाएं भी नहीं पायी हैं
पेंशन का लाभ हो या राशन अनाज का. की किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रहा हैंे. स्थानीय प्रतिनिधि भी ध्यान नहीं देते हैं.
मो.हुसैन वार्ड संख्या 45
गरीबों को किसी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही हैं. बीपीएल कार्ड से लेकर मतदाता पहचान पत्र भी नहीं हैं. इसके कारण वोट देने के अधिकार से भी वंचित है.
मो.आशिक वार्ड संख्या 45
वार्ड के मोहल्ले में गंदगी इतना है कि बीमारी फैल रहा हैं. नियमित सफाई नहीं कराया जाता है. कूड़ा उठाने के लिए कूड़ेइान की भी व्यवस्था नहीं हैे.
मो.शौकत वार्ड संख्या 45
नगर निगम व स्थानीय प्रतिनिधि द्वारा ध्यान नहीं दिया जाने के कारण इस वार्ड में समस्याओं की भरमार हैं. जबकि गरीबों की संख्या इस वार्ड में ज्यादा हैं.
मो.अकबर, वार्ड संख्या 45
क्या कहते है अधिकारी
मौजूद संसाधन के अनुरूप वार्ड संख्या 45 में काम कराया गया हैं. नगर निगम के पास आगे भी विकास का काम कराया जायेगा.
कौशल कुमार, नगर आयुक्त बिहारशरीफ
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