अब तक 19 नशेड़ियों की काउंसेलिंग
बिहारशरीफ : नशा मुक्ति केंद्र में अद्यतन नशेड़ियों की चिकित्सा की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है. यह केंद्र सदर अस्पताल में संचालित है. 28 मार्च से यह केंद्र नशेड़ियों के इलाज के लिए चालू है. इस दौरान अब तक करीब 19 नशेड़ियों की काउंसेलिंग की गयी, लेकिन मात्र दो लोगों में अद्यतन शराबी का लक्ष्य चिन्हित किया गया. केंद्र में दो अद्यतन नशेड़ियों को भरती कर उसका इलाज किया जा रहा है. भरती शराबी का एक सप्ताह तक इलाज चलेगा.
वातानुकूलित है नशामुक्ति केंद्र :
नशा मुक्ति केंद्र पूरी तरह से वातानुकूलित है. केंद्र चिकित्सीय सुविधाओं से लैस है. भरती नशेडि़यों की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है. नशेडि़यों पर नजर रखने के लिए केंद्र में सात सीसीटीवी कैमरे लगाये गये है. इतना ही नहीं भरती नशेडि़यों को चिकित्सा सेवा के साथ-साथ मनोरंजन एवं देश-दुनिया की खबरों से अपडेट रखने के लिए एक टीवी भी लगाये गये हैं. अद्यतन शराबियों की चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त रूप से दवाइयां की व्यवस्था की गयी है. चिकित्सकों की सलाह के मुताबिक भरती नशेडि़यों को दवा उपलब्ध करायी जा रही है.
दो डॉक्टर हैं प्रतिनियुक्त :
नशा मुक्ति केंद्र में भरती होने वाले अद्यतन शराबियों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए दो डॉक्टर प्रतिनियुक्त है. इसके अलावा चार एएनएम, तीन चतुर्थवर्गीय कर्मचारी एवं एक लिपिक भी काम कर रहे हैं.
यह केंद्र 24 घंटे काम कर रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी :
अद्यतन नशेड़ियों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र में दो चिकित्सक प्रतिनियुक्त है. इतना ही नहीं सदर अस्पताल के चिकित्सकों को भी ट्रेन किया गया है. साथ ही सभी पीएचसी प्रभारी समेत 40 चिकित्सक भी प्रशिक्षित किये गये हैं, ताकि पीएचसी स्तर पर अद्यतन नशेड़ियों की काउंसेलिंग एवं प्रारंभिक इलाज किया जा सके.
– डॉ. सुबोध प्रसाद सिंह, सिविल सर्जन,नालंदा
