आरोप. चार सिम कार्ड,हथियार के साथ बाइक जब्त
पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के एक सहयोगी हिलसा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार हुआ. हत्थे चढ़ा टिंकु कुमार के पास से कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ. डीएसपी प्रवेन्द्र भारती ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष के विशेष निर्देश पर हिलसा-फतुहा मुख्य मार्ग पर ककडि़या पुल के निकट वाहन चेकिंग लगायी गयी़ इस दौरान फतुहा की ओर से आ रहे एक बाइक सवार पुलिस को देख बाइक घुमा कर भागने लगा.
हिलसा. उग्रवादी संगठन को कमजोर करने के कवायद में जुटी नालंदा पुलिस को मंगलवार को बड़ी सफलता हाथ लगी. पीपुल्स लिब्रेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के एक सहयोगी हिलसा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार हुआ. हत्थे चढ़ा टिंकु कुमार के पास से कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ.
डीएसपी प्रवेन्द्र भारती ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष के विशेष निर्देश पर हिलसा-फतुहा मुख्य मार्ग पर ककडि़या पुल के निकट वाहन चेकिंग लगायी गई. इस दौरान फतुहा की ओर से आ रहे एक बाइक सवार पुलिस को देख बाइक घुमा कर भागने लगा. शक होने पर थानाध्यक्ष मदन प्रसाद सिंह साथ रहे पुलिस बलों के साथ पीछा कर बाइक सवार को अपने कब्जे में लिया.
कब्जे में लिये गये युवक की तलाशी के दौरान उसके पास9ऋ9 से एक लोडेड पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, चार सीम कार्ड तथा एक मोबाइल बरामद हुआ. डीएसपी ने बताया कि पुलिस गिरफ्त में आये युवक ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह मूल रूप से खुसरूपुर थाना क्षेत्र के बैकटपुर गांव निवासी लल्लु सिंह का पुत्र टिंकु हैं.
उसके पिता लल्लु सिंह फिलहाल बेउर जेल में उसी वार्ड में बंद हैं, जिस वार्ड में पीएलएफआई के कथित स्टेट हेड गणेश शंकर का भाई चुहवा बंद है. उन्होंने बताया कि चुहवा के कहने पर लल्लु सिंह अपने पुत्र टिंकु को गणेश शंकर को सीमकार्ड, पिस्तौल और गोली की व्यवस्था करने को कहा.
डीएसपी ने बताया कि अपने पिता के कहने पर टिंकु 16 मार्च को बैकटपुर स्थित कुटुम्बजी की दुकान से चालीस सीम कार्ड मोनु कुमार के द्वारा पीएलएफआई के कथित स्टेट हेड गणेश शंकर को उपलब्ध करवा चुका है.
पीएलएफआई के कथित स्टेट हेड गणेश शंकर को कुछ सीम कार्ड और पिस्तौल भेजवाने ककवायद में लगे टिंकु मंगलवार हिलसा में मोनु को बुलाया था, लेकिन सप्लाई करने से पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. बताया जाता है कि हिलसा में गतिविधि तेज करने के बाद सक्रिय हुए पुलिस पीएलएफआई के करीब आधा दर्जन से अधिक सहयोगी को सलाखों के पीछे भेज चुकी है.
