गर्भवती को सांस लेने में हो दिक्कत, तो अस्पताल में कराएं भरती
संस्थागत प्रसव से जच्चा-बच्चा दोनों रहते हैं सुरक्षित
बिहारशरीफ : संस्थागत प्रसव होने से जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह से सुरक्षित रहता है. जन्म के छह माह तक शिशु को सिर्फ और सिर्फ मां का दूध ही पिलायें. मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में नियमित टीकाकरण को सफल बनाने के लिए आयोजित ट्रेनिंग में यह जानकारी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डाॅ राजेंद्र ने दी.
उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान अगर प्रसूता को सांस लेने में दिक्कत हो, खून की कमी, अधिक रक्तस्राव, प्रसव पीड़ा के बिना ही पानी की थैली फट जाये, दौरा पड़े, धुंधला दिखाई दे, तो सीधे अस्पताल में जाकर इलाज कराएं, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित रह सके. प्रशिक्षण में एएनएम को उन्होंने जानकारी दी कि नियमित टीकाकरण के दौरान टीके लगाने के पहले उनके अभिभावक से जानकारी प्राप्त करें कि पूर्व में किसी तरह का इंजेक्शन लगाने पर रियेक्शन हुआ है या नहीं, ताकि पूरी तरह से सतर्कता बरती जाये.
