बिहारशरीफ : बाढ़ और बरसात में नदियों व नहरों में भले ही पानी दिख जाये, मगर जब खेती की सिंचाई जरूरी होती है. तब इनमें पानी नहीं रहता है.
इसके कारण किसान बेहाल हो गये हैं. कई जगह सिंचाई के लिए राजकीय नलकूप बने भी है तो वह बिजली से नहीं जुड़े हैं. वैसे नलकूप जो बिजली से जुड़े भी हैं तो बिजली की आंख मिचौनी के कारण सही तरीके से ये नलकूप चल नहीं पाते हैं.
इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए अलग फीडर बनाये जायेंगे. बिजली के लिए इन अलग फीडरों से किसानों की खेतों में बिना बाधा के सिंचाई की जा सकेगी.
दीन दयाल ग्राम ज्योति योजना में नालंदा भी शामिल:
दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से किसानों के लिए अलग फीडर बनाये जाने हैं. इस योजना में नालंदा सहित सूबे के 17 जिले शामिल हैं. इन नालंदा के अलावा औरंगाबाद, भागलपुर, कैमूर, बक्सर, जमुई, लहेरिया सराय, जहानबाद, अरवल, शेखपुरा, पटना, गया, बांका, भोजपुर, नवादा व रोहतास जिले को शामिल किया गया है.
बीड बनाने व टेंडर के लिए एजेंसी नियुक्त:
इसके लिए प्रोजेक्ट तैयार करने को एजेंसी की नियुक्ति कर दी गयी है. इस कार्य की जिम्मेवारी मेसर्स यू आरएस स्कॉट विल्सन इंडिया लिमिटेड एवं रॉडिक कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गयी है. यह एजेंसी बीड तैयार करने एवं टेंडर तैयार करने का कार्य करेगी.
एग्रीकल्चर फीडर तैयार करने के लिए जिले में कई पावर सब स्टेशनों का निर्माण किया जायेगा. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत जिले में चार पावर सब स्टेशन बनाये जायेंगे. इसके तहत सरमेरा प्रखंड के गोपालबाद, इस्लामपुर प्रखंड के पंचलोवा, एकंगरसराय के जमुआवां व रहुई प्रखंड के मुरौरा में पावर सब स्टेशन का निर्माण किया जायेगा. इसके अलावा आइसीडीएस योजना के तहत चांदपुरा में भी पावर सब स्टेशन का निर्माण किया जाना है.
अप्रैल से शुरू होगा कार्य:
दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना पर कार्य अगले वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह से शुरू होने की संभावना है. चयनित एजेंसी द्वारा बीड तैयार किया जायेगा.इसके आधार पर टेंडर निकाले जायेंगे. इसके बाद एग्रीकल्चर फीडर बनाने कार्य शुरू हो जायेगा.
