अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल होगा पांडू पोखर

बिहारशरीफ/राजगीर : तीन दिवसीय राजगीर प्रवास के दूसरे दिन बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वेणु वन व पांडू पोखर का जायजा लिया. सीएम सुबह 7:30 बजे सबसे पहले वेणु वन पहुंचे. वहां घूम कर प्राकृतिक नजारा लिया और तालाब की मछलियों को दाना खिलाया. यहां से मुख्यमंत्री पांडू पोखर पहुंचे. पर्यटक स्थल के रूप […]

बिहारशरीफ/राजगीर : तीन दिवसीय राजगीर प्रवास के दूसरे दिन बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वेणु वन व पांडू पोखर का जायजा लिया. सीएम सुबह 7:30 बजे सबसे पहले वेणु वन पहुंचे.

वहां घूम कर प्राकृतिक नजारा लिया और तालाब की मछलियों को दाना खिलाया. यहां से मुख्यमंत्री पांडू पोखर पहुंचे. पर्यटक स्थल के रूप में नवनिर्मित पांडू पोखर की व्यवस्था व पर्यटकों की सुविधा को देख मुख्यमंत्री के चेहरे पर संतोष के भाव थे. वहां से लौटने के बाद राजगीर के सर्किट हाउस में और उसके बाद लंच के दौरान वन विभाग के रेस्ट हाउस में उन्होंने पर्यटन विभाग के साथ-साथ वन विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर राजगीर के विकास की कई योजनाओं की रूपरेखा तय की.

पांडू पोखर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ ही वैतरणी नदी व सरस्वती नदी के जीर्णोद्धार कार्य को आगे बढ़ाने का अधिकारियों को निर्देश दिया. वैभारगिरी एवं सोनागिरी पहाडि़यों की वादी में अवस्थित मृग विहार के क्षेत्र को विस्तारित कर यहां पांच सफारी पार्क,एवियरी एवं बटर फ्लाई विकसित

अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल.
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करने की योजना की अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की. पांच सफारी में टाइगर सफारी, लायन सफारी, भालू सफारी, चीता सफारी, चीतल व सांभर सफारी बनाने की योजना है. इधर 59.64 करोड़ रुपये खर्च होंगे तथा इसे वित्तीय वर्ष 2017-18 तक निश्चित रूप से पूरा करने का आदेश दिया. सफारी बनाने की स्विकृति केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकारण,
नयी दिल्ली से प्राप्त होने के बाद योजना पर कार्य शुरू हो जायेगा. जय प्रकाश उद्यान का सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है. राजगीर की पंच पहाड़ियों के संरक्षण, सवंर्धन एवं हरियाली के विकास के लिए जल एवं मृदा संरक्षण के तहत इको टेस्टोरेशन कार्य को शुरू करने का निर्देश दिया गया. योजना से संबंधित प्रीमिलरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट में पर्यावरण एवं वन विभाग के द्वारा 2016 तक इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
योजना के तहत रत्नागिरि,उदयगिरि, वैभारगिरि, सोनागिरि और विपुलागिरि में माइक्रो वाटर शेड ट्रीटमेंट के तहत मृदा एवं जल संरक्षण के लिए विभिन्न प्रकार की संरचनाओं का निर्माण किया जायेगा. एक हजार हेक्टेयर में वनों के पुनर्वास के लिए वृक्षारोपण कार्य किये जायेंगे. पंच पहाड़ियों के कुल 292 नालों का निर्माण किया जायेगा. घोड़ा कटोरा झील की तरह 47 नालों का निर्माण किया जाना है.
इस मौके पर सांसद रामचंद्र प्रसाद सिंह, प्रशांत किशोर,वन व पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, सीएम के सचिव अतीश चंद्रा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक डीके शुक्ला, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.

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