पिकनिक स्पॉट जश्न को तैयार
सुरक्षा को लेकर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
बिहारशरीफ : मगध सम्राट जरासंघ की कभी राजधानी कहलाने वाला राजगीर आज सूबे का शीतकालीन राजधानी बनने की राह पर है. इसके लिए यहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. स्टेट हाउस के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है. अलविदा 2015 एवं नये वर्ष के जश्न को लेकर यहां पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ है.
कल लोग नये वर्ष में कदम रखने वाले हैं. इसको लेकर नव वर्ष के जश्न के लिए यहां आने वाले लोगों में खासा उत्साह है. लोग अपने तरीके से 2015 को अलविदा कहने और नये साल का स्वागत करने को बेकरारा हैं. देश भर के दूर-दराज से पर्यटक आये हुए हैं. इसके अलावा भूटान,वर्मा,श्रीलंका और मालदीव से पर्यटक यहां आये हुए हैं. नव वर्ष का जश्न मनाने के लिए लोक सपरिवार पंच पहाडि़यों से घिरे इस रमणिक स्थान पर दो दिन पहले से ही डेरा डाले हुए हैं. पर्यटक वाहन से राजगीर पूरी तरह पट चुका है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तीन दिवसीय राजगीर आगमन से पर्यटकों को थोड़ी असुविधा हो रही है, मगर उनके जोश व उत्साह में कोई कमी नहीं है. गरम कुंड, रोपवे व घोड़ा कटोरा जाने वाले पर्यटकों की लंबी लाइन लगी हुई है.
टमटम की सवारी का खूब लुत्फ उठा रहे पर्यटक :
राजगीर आने वाले पर्यटक टमटम का खूब लुत्फ उठा रहे हैं. राजगीर सूबे का ऐसा पहला पर्यटक स्थल है जहां एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने के लिए टमटम की सवारी उपलब्ध है. पर्यटन विभाग द्वारा इनका रेट तय है. विश्व शांति स्तूप के पास तांगे वालों की लंबी कतार देख लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं. पटना से आये हुए कुमार विश्वजीत बताते हैं कि टमटम की सवारी का आनंद यहां हीं मिलता है.
इको-टूरिज्म का अलग ही मजा :
इको टूरिज्म के लिए विख्यात घोड़ा कटोरा की सैर अपने आप में एक सुखद अनुभूति है. विश्व शांति स्तूप से करीब सात किलोमीटर दूर पहाड़ की वादियों से घिरे घोड़ा कटोरा सुखद आनंद की अनुभूति प्रदान करता है. यहां जाने के लिए टमटम ही एकमात्र सहारा है. पर्यटन विभाग द्वारा घोड़ा कटोरा आने-जाने वाले यात्रियों के लिए टमटम किराया निर्धारित है.
घोड़ा कटोरा का निर्धारित किराया 100 प्रति व्यक्ति निर्धारित है. एक टमटम पर चार सवारी बैठ सकते हैं. निर्धारित किराये में पर्यटकों को घोड़ा कटोरा ले जाना और लाना है. कोलकाता से आये देवाशीष बताते हैं कि घोड़ा कटोरा असीम आनंद देता है.
रोपवे पर चढ़ मिलती है सुखद अनुभूति :
नव वर्ष का जश्न मनाने के लिए राजगीर पहुंचे सैलानी रोपवे का मजा लेने से वंचित नहीं होना चाहते हैं.रत्नागिरी पर्वत पर स्थित विश्व शांति स्तूप का दर्शन करने के साथ ही रोपवे का लुत्फ इससे पर्यटकों को असीम आनंद की अनुभूति होती है. रोपवे पर चढ़ने के बाद पर्यटकों को असीम आनंद की अनुभूति होती है.
रोपवे पर चढ़ने के बाद प्राकृतिक नजारा व विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु रोमांचित कर देते हैं. बुधवार को रोपवे के पास टिकट कटाने के लिए लंबी लाइन देखने को मिली. लोगों की भीड़ के बीच बंदर व हनुमान के झुंड सैलानियों से अठखेलियां करते दखे गये. कोलकाता से परिवार के साथ आये अमित चटर्जी ने बताया कि यहां की अनुभूति ही अलग है.
