बिहारशरीफ : बिहारशरीफ शहर के करीब पौने चार लाख की आबादी को बिजली आपूर्ति टोका सिस्टम पर आश्रित है. बिहारशरीफ के अलावा प्रखंडों व कसबों में भी यही स्थिति है. शहर के चौक-चौराहे पर झूल रहे बिजली के टोके कब किसकी जान ले लेगा. यह कहना मुश्किल है.
खास कर बरसात के दिनों में इसकी आशंका प्रबल है. सिलाव प्रखंड के घोस्तावां के अलावा जिले के कई अन्य जगहों पर इस तरह की दुर्घटनाएं होने के अकसर समाचार मिलता रहता है. इसके बावजूद विद्युत विभाग इन टोकों के संबंध में कोई निर्णय लेने के मूड में नहीं है. शहर के भरावपर, मछली मार्केट, रामचंद्रपुर बस स्टैंड, महात्मा गांधी रोड, पुलपर, नयी सराय, खंदक पर, सिंगारहाट, सोहसराय, पटेल नगर, काशी तकिया सहित अन्य जगहों पर बिजली के तार पर झूलते टोके इसके गवाह हैं. बिजली के तारों पर चिनगारी मारते टोके, जमीर पर गिरे टोके आदि अक्सर देखे जाते हैं. इन सबके बावजूद विद्युत विभाग के कर्मी पर अधिकारी चुपचाप नजारा देख रहे हैं. कई वर्ष पूर्व विभाग द्वारा बिजली के तारों पर झूलते इन टोकों को स्थायी करने की कार्रवाई शुरू की गयी थी. मगर यह कार्य बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया.
क्या है विभाग का नियम
विभाग का नियम है कि किसी भी उपभोक्ता को बिजली का कनेक्शन देते वक्त उस कनेक्शन के तार को संबंधित बिजली के पोल के पास स्टिच (स्थायी) कर दिया जाये, ताकि बिजली की आपूर्ति में किसी तरह का व्यवधान पैदा न हो.
होता क्या है विभाग द्वारा
उपभोक्ता को बिजली का कनेक्शन देते वक्त कनेक्शनवाले परिसर में बिजली का मीटर लगा कर उसमें कनेक्शन कर दिया जाता है. मीटर से बिजली आपूर्ति के लिए निकलनेवाले तार को उपभोक्ताओं की मरजी पर छोड़ दिया जाता है. उपभोक्ता जहां और जिधर से चाहते हैं टोका फंसा कर बिजली ले लेते हैं.
क्या कहते हैं उपभोक्ता
बिजली का कनेक्शन मिलते ही उपभोक्ता यह समझाने लगते हैं कि उन्हें बिजली के उपयोग करने के लिए लाइसेंस प्राप्त हो गया है. वे जिधर और जहां से चाहते हैं, टोका फंसा कर बिजली ले लेते हैं. एक फेज की बिजली गायब होते ही उपभोक्ता दूसरे फेज में टोका फंसा लेते हैं. जिस ट्रांसफॉर्मर से उन्हें बिजली मिलती है, के जल जाने पर उपभोक्ता बगल के ट्रांसफॉर्मर से तार खींच कर बिजली ले लेते हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
नये बिजली का कनेक्शन देते वक्त उपभोक्ताओं के टोके के पास के बिजली पोल के पास स्थिर कर दिया जाता है. पुराने कनेक्शन में टोका को स्थायी करने का कोई कार्रवाई फिलहाल नहीं की जा रही है. नियम के अनुसार हर कनेक्शन को स्थायी होना चाहिए. यहां के उपभोक्ता ऐसे हैं कि एक फ्यूज के उड़ जाने पर दूसरे तार, एक ट्रांसफॉर्मर के जल जाने पर दूसरे ट्रांसफॉर्मर से तार तान कर बिजली ले लिया जाता है.
राम वीरेंद्र सिंह, कार्यपालक अभियंता, बिहारशरीफ
