बिहारशरीफ : डीपीएस पब्लिक स्कूल के दो छात्रों की मौत पर नीरपुर व आस पास के गांवों में आक्रोश रविवार को पूरी तरह शांत पड़ गया. लेकिन घटना के बाद क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा. डीपीएस पब्लिक स्कूल में भी दिनभर ताला लटका रहा. कल घटना के संबंध में जितने लोग उतनी बातें हो रही थी.
वे सभी मुंह आज पूरी बंद हो चुके हैं. कोई अपनी जुबान खोलने को तैयार नहीं है. कुछ ग्रामीणों से जब घटना के कारण के बारे में पूछा गया तो आज उनके सुर बदले हुए नजर आये. विद्यालय के आस पास के कई ग्रामीणों ने काफी कुरेदने पर बताया कि सच्चई यहीं है कि चार बच्चे शौच करने के लिए विद्यालय से बाहर गये थे.
शौच करने के बाद पानी छूने के क्रम में बारिश होने की वजह से जमीन गीली होने के कारण दोनों का पैर फिसल गया और पानी में डूब गये. यह घटना देख कर साथ में रहे दो अन्य बच्चे डर के मारे अपने घर की ओर भाग गये. जली रोटी को खाने से इनकार के बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा मारपीट किये जाने के संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि इसमें कोई सच्चई नहीं है. जली रोटी खाने से इनकार करने पर कोई विद्यालय प्रबंधन बच्चों की हत्या कर अपने संस्थान की बदनामी मोल नहीं लेगा. यह बात कोई बड़ी बात नहीं है. विद्यालय की प्राचार्य प्रमीला देवी भी इस तरह के कयास को केवल बकवास बताती है.
स्थानीय लोग इस सच्चई से पूरी तरह अवगत थे. ग्रामीणों की नाराजगी ङोलने की जहमत उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पाये. ग्रामीण बताते हैं कि स्कूल के पास ऐसा माहौल बन गया था कि जो कोई भी इस तरह की घटना को रोकने का प्रयास करता, नाराज लोग उसी को नोचने लगते. इसी डर से किसी ने इस तरह की घटना को रोकने की कोशिश नहीं की. इससे गुस्साये लोगों का गुस्सा और बढ़ता चला गया, जिसका नतीजा डायरेक्टर की मौत व आगजनी के रूप में सामने आया.
