बिहारशरीफ : बिहार बोर्ड के मैट्रिक का रिजल्ट आते ही शहर के विभिन्न साइबर कैफे में रिजल्ट देखनेवाले विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी. चार बजते ही विद्यार्थी तथा अभिभावक घरों से सीधे साइबर कैफे पहुंचने लगे. कचहरी चौराहा स्थित लगभग दर्जन भर साइबर कैफे रहने के बावजूद देर शाम तक रिजल्ट देखनेवालों की कतारें लगी रहीं. अच्छे अंक लानेवाले विद्यार्थी उत्तेजना के मारे मार्क्ससीट का प्रिंटआउट लेकर सीधे अपने घरों की ओर भाग रहे थे.
शहर के अस्पताल चौराहा, भराव पर चौराहा, पुल पर, खंदक पर, नयी सराय, रामचंद्रपुर, सोहसराय आदि स्थलों पर साइबर कैफे में मेले जैसा माहौल बना रहा. विद्यार्थी जहां खुशी के मारे फूले नहीं समा रहे थे. वहीं अभिभावकों में भी अपने बच्चों के भविष्य की जिम्मेवारी बढ़ने का एहसास नजर आ रहा था.
डॉक्टर-इंजीनियर बनने की है तमन्ना
जिले के विद्यार्थियों में डॉक्टर-इंजीनियर बनने की अभिलाषा हिलोरे ले रही हैं. रिजल्ट देखने आये अधिकतर छात्र-छात्राओं ने कहा कि वे आगे अपना कैरियर डॉक्टर अथवा इंजीनियर के रूप में बनाना चाहते हैं. हालांकि कई विद्यार्थियों ने प्रशासनिक अधिकारी बन कर देश और समाज की सेवा करने की बात कही.
मैट्रिक परीक्षा में 84.4 फीसदी अंक लानेवाली कन्या उच्च विद्यालय, सोहसराय की छात्र मनीषा कुमारी तथा एसएस बालिका +2 उच्च विद्यालय की छात्र स्मिता ने 75 फीसदी अंक लाकर जिले में छात्राएं डॉक्टर बनना चाहती है. हालांकि अच्छे अंक लानेवाले अधिकांश विद्यार्थी साधारण घरों के है. किसान, दुकानदार तथा मजदूरी करने वाले लोगों के बच्चों ने भी बाजी मारी है.
चलता रहा मिठाइयां खाने-खिलाने का दौर
विद्यार्थियों की सफलता पर उन्हें परिवार के सदस्यों तथा मित्रों से बधाइयां मिलने का दौर शुरू हो गया है.लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिला कर भी खुशी का इजहार कर रहे हैं. कई विद्यार्थियों ने अच्छे अंक लाकर अब अपनी आगे की तैयारी के लिए महानगरों की ओर प्रस्थान करने की योजना बनानी शुरू कर दी है.
