बिहारशरीफ (नालंदा) : स्क्रूटनी में दो प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का नामांकन रद्द होने के मामले को लेकर जिले के सियासी हलके में शनिवार को भी चर्चा गरम रही. आमलोग भी इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से हैरान रहे.
नामांकन प्रपत्र में त्रुटि को मानवीय भूल बना रहे थे, तो कोई इसे प्रत्याशियों के साथ ही नामांकन कार्य से जुड़े अधिकारियों की लापरवाही. इनमें से एक बड़ा तबका इसे भाग्य का खेल एवं होनी को प्रबल मान कर इस प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे. जदयू व लोजपा के समर्थक इस बात पर संतोष व्यक्त कर रहे थे कि किसी तरह अंतिम समय में उनके दल की प्रतिष्ठा पूरी तरह गिरने से बच गयी.
साथ ही विधान परिषद की इस प्रतिष्ठित सीट के लिए हो रहे चुनाव में न केवल दल की बल्कि प्रत्याशियों की दावं पर लगी प्रतिष्ठा बच गयी. हालांकि नामांकन में हुई भूल ने भाग्य का ऐसा खेल खेला कि एक तरफ जदयू प्रत्याशी को अपनी पत्नी को तथा लोजपा प्रत्याशी को अपने पति को चुनाव मैदान में उतारना पड़ा.
इस अप्रत्याशित फेरबदल का चुनाव परिणाम पर क्या असर पड़ेगा. यह तो भविष्य के गर्भ में है परंतु स्क्रूटनी में विफल रहे दोनों प्रत्याशियों को इस बात से राहत जरूर मिली है कि घर की सीट घर में ही रहने की उम्मीद बरकरार रही है.
