अंतिम दिन तीन प्रत्याशियों ने भरे परचे
बिहारशरीफ (नालंदा) : बिहार विधान परिषद् के नालंदा निर्वाचन प्राधिकार क्षेत्र के लोजपा व जदयू के प्रत्याशियों के नामांकन रद्द भी हो सकते हैं. जिस तरह से प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन के दौरान प्रपत्र में जो गलती की है, उसके हिसाब से जिला निर्वाचन विभाग इन दलों के प्रत्याशियों का नामांकन रद्द कर देगा.
नामांकन रद्द होने की आशंका के कारण प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने गुरुवार को आनन-फानन में कोई पत्नी के नाम से, तो कोई पति के नाम से वैकल्पिक परचा भरा. इन प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने का सबसे बड़ा कारण यह बताया जा रहा है कि इन प्रत्याशियों द्वारा पूर्व में ही चार सेटों में नामांकन प्रपत्र दाखिल किया जा चुका है.
लिहाजा अब इन प्रत्याशियों की कोई गुंजाइश नहीं रही कि त्रुटि में सुधार के बाद ये फिर से नामांकन पत्र दाखिल कर सके. बताया जाता है कि नामांकन प्रपत्र में स्पष्ट प्रावधान है कि दलीय अथवा निर्दलीय सभी तरह के प्रत्याशियों के लिए 10 प्रस्तावक देने थे. परंतु जदयू व लोजपा प्रत्याशी की ओर से चार-चार प्रस्तावक दिये गये. इस त्रुटि की ओर न तो प्रत्याशी का और न ही उनके वकील का ध्यान गया. इस गलती की जानकारी होने के बाद प्रत्याशियों में हड़कंप मच गया.
इसके बाद जदयू के प्रत्याशी राजेश कुमार सिंह ने पत्नी रीना देवी एवं लोजपा के प्रत्याशी दीपिका कुमारी के पति कुमार सुमन सिंह ने आनन-फानन में नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन गुरुवार को नामांकन किया. इन प्रत्याशियों द्वारा भी दलीय आधार पर ही नामांकन प्रपत्र दाखिल किये गये हैं. अब 19 जून को नामांकन प्रपत्रों की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि पति अथवा पत्नी किन्हें चुनाव मैदान में भाग्य आजमाने का मौका मिलेगा.
नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन गुरुवार को तीन प्रत्याशियों ने नामांकन का परचा दाखिल किया. इसी के साथ नामांकन पत्र दाखिल करने वाले प्रत्याशियों की कुल संख्या नौ हो गयी है.
गुरुवार को नामांकन करने वाले प्रत्याशियों में महागंठबंधन समर्थित जदयू के प्रत्याशी राजेश कुमार सिंह उर्फ राजू यादव की पत्नी रीना देवी, राजग समर्थित लोजपा प्रत्याशी दीपिका कुमारी के पति कुमार सुमन सिंह एवं बिहारशरीफ प्रखंड के घासपुर निवासी विपिन कुमार की पत्नी रीना देवी शामिल हैं.
स्थानीय समाहरणालय स्थित नामांकन कक्ष में निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम बी कार्तिकेय के समक्ष इन प्रत्याशियों ने नामांकन प्रपत्र दाखिल किया. प्रमुख दलों के अधिकृत प्रत्याशियों ने नजदीकी रिश्तेदारों के नामांकन से लोगों के बीच अटकलों का बाजार गरम रहा. इस दौरान प्रमुख दलीय प्रत्याशियों के नामांकन की वैधता को लेकर लोगों के बीच संशय की स्थिति बनी रही.
