कृषि वैज्ञानिकों ने दिये किसानों को कई सुझाव
5 से 15 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी पुरवा हवा
समस्तीपुर : अगले 48 से 72 घंटे के बीच उत्तर बिहार के कुछ जिलों में हल्की वर्षा की संभावना बन रही है. शेष स्थानों पर आसमान में हल्के व मध्यम बादले देखे जा सकते हैं. आम तौर पर मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. यह आकलन है राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र का.
अगले 14 जून तक के लिए जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि 5 से 15 किलो मीटर प्रति घंटे की औसत गति से पुरवा हवा चलेगी. इस अवधि में न्यूनतम तापमान 24 से 31 व अधिकतम तापमान के 35 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
मौसम के मिजाज को भांपते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने कहा है कि मॉनसून के सामान्य से कम रहने की संभावना को देखते हुए किसान कम अवधि वाले धान की प्रजाति का चयन करें. इसकी बुआई कम क्षेत्र में निचली भूमि में करें या फिर जिस भूमि में सिंचाई की उत्तम व्यवस्था हो वहीं लगावें. जल की कम आवश्यकता वाली फसल अरहर का चयन किसान विकल्प के तौर पर कर सकते हैं. गरमा सब्जियों में तापमान बढ़ने से पानी के आवश्यकता में वृद्धि होने की संभावना है. इसलिए साप्ताहिक अंतराल पर सिंचाई करते रहें.
मूंग, उड़द की तैयार फलियों की तुड़ाई कर हरी खाद के लिए उसके पौधों को मिट्टी पलटने वाले हल से जमीन में गाड़ दें. भिंडी फसल में माइट कीट का प्रकोप दिखाई देने पर ईथियान नामक दवा के 1.5 से 2 मिली प्रति लीटर पानी में घोल कर छिड़काव किया जा सकता है. खरीफ प्याज की खेती के लिए बीज स्थली की तैयारी के लिए समय उपयुक्त है. मिर्च के खेत में विषाणु रोग से ग्रसित पौधों को उखाड़कर जमीन में गाड़ दें. इसके बाद इमिडाक्लोप्रिड एक मिली प्रति तीन लीटर पानी की दर से घोल बनाकर सुबह अथवा शाम के वक्त छिड़काव करने से फायदा होगा.
तैयार लीची तोड़ने के बाद लीची के बगीचों की जुताई कर गोबर की खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग कर सिंचाई करें. पशुओं के प्रमुख रोग एन्थ्रेक्स, ब्लैक क्वार्टर (डकहा) एवं गलघोंटु से बचाव के लिए टीके लगावें. ज्ञात हो कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य 5.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है. वहीं न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. यह सामान्य 1.0 डिग्री सेल्सियस अधिक है.
