देश के चार राज्यों में खुलेगा पांच अत्याधुनिक पेडियाट्रिक यूनिट

पहल : एक माह से बारह वर्ष तक के बच्चों का होगा समुचित इलाज देश के चार राज्यों में एक साथ पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अत्याधुनिक पेडियाट्रिक यूनिट स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निपी व यूएनडीपी के सहयोग से खोला जा रहा है. मंत्रालय द्वारा इस यूनिट के लिए उड़ीसा, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं बिहार को […]

पहल : एक माह से बारह वर्ष तक के बच्चों का होगा समुचित इलाज
देश के चार राज्यों में एक साथ पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अत्याधुनिक पेडियाट्रिक यूनिट स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निपी व यूएनडीपी के सहयोग से खोला जा रहा है. मंत्रालय द्वारा इस यूनिट के लिए उड़ीसा, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं बिहार को चयनित किया गया है.
बिहार में यह यूनिट नालंदा जिले के बिहारशरीफ सदर अस्पताल में खोली जायेगा. अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो करीब तीन माह में यह यूनिट बनकर पूरी तरह तैयार हो जायेगी. इस यूनिट के खुल जाने से एक माह से बारह वर्ष तक के बच्चों का समुचित इलाज हो सकेगा. मजे की बात यह होगी कि इस यूनिट में इलाज के लिए पहुंचे बीमार बच्चों की 36 प्रकार की जांच सिर्फ पांच मिनटों में हो सकेगी.
बिहारशरीफ : देश के चार राज्यों में एक साथ अत्याधुनिक पेडियाट्रिक यूनिट खोलने पर स्वास्थ्य मंत्रालय ,नयी दिल्ली की मुहर लग चुकी है. इन यूनिटों को खोले जाने के लिए देशभर में उड़ीसा,मध्य प्रदेश,राजस्थान व बिहार राज्य के जिला अस्पतालों को चयनित किया गया है. इसमें से उड़ीसा के दो,बिहार के एक,मध्य प्रदेश के एक व राजस्थान के एक जिला अस्पताल में इस यूनिट को खोला जायेगा. फिलहाल स्वास्थ्य मंत्रालय इन यूनिटों को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू कर रहा है.
अगर इसमें सफलता मिली तो इस यूनिट को देश के अन्य जिला अस्पतालों में खोला जा सकेगा. यह सभी यूनिट यूएनडीपी एवं निपी के सहयोग से खोले जायेंगे. इधर, बिहार विशेषकर नालंदा वासियों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि इस यूनिट के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल को भी चयनित कर लिया गया है. यूनिट खोले जाने के लिए मंगलवार को निपी एवं यूएनडीपी की एक टीम भी यहां पहुंच चुकी है.
पेडियाट्रिक यूनिट का उद्देश्य
एक माह से बारह साल तक के बच्चों का यहां समुचित इलाज होगा. यह सुविधा यहां भरती बच्चों के लिए नि:शुल्क होगी. साथ में इन बच्चों को कई जीवन रक्षक सहित अन्य सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.
कैसे काम करेगा यह यूनिट
इस यूनिट में जब बच्चे अपने अभिभावक संग पहुंचेंगे तो यहां उपलब्ध कर्मी पहले इस बच्चे का ब्लड सैंपल लेंगे. तत्पश्चात, इस सैंपल को जांच कीट में रखेंगे. मजे की बात यह होगी सिर्फ पांच मिनट में ही यह जांच कीट मशीन 36 प्रकार की जांच से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध टेबलेट के स्क्रीन पर डिस्पले कर देगी.
फिर यह रिपोर्ट यहां कार्यरत चिकित्सक के मोबाइल पर एसएमएस के जरिये रिसिव हो जायेगी. तत्पश्चात चिकित्सक इस बच्चे को यहां भरती कर उसका समुचित इलाज कर सकेंगे.
मरीजों को यह होगा फायदा
पेडियाट्रिक यूनिट में इलाज कराने केलिए बीमार बच्चे के परिजनों को इसके लिए भारी भरकम राशि खर्च करनी नहीं होगी. इसके अलावे यहां भरती होने पर उनके बीमार बच्चों को जीवन रक्षक सहित कई आवश्यक दवाएं उपलब्ध हो सकेगी. खास बात यह होगी कि जिलेवासियों को यह सुविधा अपने जिले में उपलब्ध हो सकेगी. इससे इस कार्य में लगने वाले अनावश्यक भाग- दौड़ एवं खर्च से भी मरीजों के परिजनों को छुटकारा मिल सकेगा.
आइसीयू भवन में खुलेगा यूनिट
बिहारशरीफ सदर अस्पताल के आइसीयू भवन में इस पेडियाट्रिक यूनिट को खोले जाने के लिए जगह चिह्न्ति किया गया है. इस चयनित जगह पर अब काम भी शुरू हो गया है. इस यूनिट के लिए यहां दो कक्ष बनाये जायेंगे. एक कक्ष में कई अत्याधुनिक उपकरण जबकि दूसरे कक्ष में फिलहाल तीन बेड उपलब्ध होंगे.
अत्याधुनिक उपकरणों से होगा लैस
पेडियाट्रिक यूनिट पूरी तरह वातानुकूलित भी रहेगा. इस यूनिट में रेडियेंट बार्मर, ऑक्सीजन कनसेनट्रेटर , सकशन मशीन, कॉर्डियक मॉनीटर जैसे कई अत्याधुनिक उपकरण सहित इमरजेंसी ड्रग उपलब्ध होगे. इसके अलावे यहां भरमी मरीजों एवं कार्यरत कर्मियों के लिए आरामदेह एवं आधुनिक फर्नीचर भी उपलब्ध होंगे.
यूनिट में इन कर्मियों की होगी ड्यूटी
यूनिट की सेवाओं से मरीजों को संतुष्ट कराने के लिए यहां चार ए ग्रेड नर्स, चार चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा ली जायेगी. फिलहाल यहां चिकित्सकों की सेवा लिये जाने के लिए एसएनसीयू में कार्यरत चार चिकित्सकों क्रमश : डॉ उमेश कुमार, डॉ अंजनी कुमार, डॉ अवध किशोर प्रसाद सिंह एवं डॉ मनोज कुमार को टैग किया जायेगा. इसके अलावे शेष कर्मियों की सेवा लिये जाने के लिए उन्हें बहाल किये जाने की उम्मीद है.

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