36 फीसदी अति पिछड़ा वोट तय करेगी राजनीति

बिहारशरीफ : सूबे के 36 फीसदी अति पिछड़ा वर्ग की आगामी विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभायेगा. सूबे की राजनीति तय करने की शक्ति अति पिछड़ा वर्ग में ही है. उक्त बातें लोजपा के राष्ट्रीय महासचिव सत्यानंद शर्मा ने स्थानीय परिसदन में प्रेस वार्ता के दौरान कही. वे जिले में 19 अप्रैल को आयोजित होने […]

बिहारशरीफ : सूबे के 36 फीसदी अति पिछड़ा वर्ग की आगामी विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभायेगा. सूबे की राजनीति तय करने की शक्ति अति पिछड़ा वर्ग में ही है.
उक्त बातें लोजपा के राष्ट्रीय महासचिव सत्यानंद शर्मा ने स्थानीय परिसदन में प्रेस वार्ता के दौरान कही. वे जिले में 19 अप्रैल को आयोजित होने वाले अति पिछड़ा जुटान कार्यक्रम की तैयारी के सिलसिले में पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के साथ मिल कर कार्यक्रम की सफलता के लिए विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. श्री शर्मा ने कहा कि सूबे की राजनीति करवट ले रही है.
अति पिछड़ा वर्ग सूबे की राजनीति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. नालंदा जिले में होने वाला अति पिछड़ा जुटान कार्यक्रम सूबे की राजनीति में मील का पत्थर साबित होगा. सूबे की नयी राजनीतिक परिदृश्य में अति पिछड़ों की एकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रही है. उन्होंने पिछले दिनों सिलाव प्रखंड के नेपुरा गांव में ग्रामीणों के साथ मारपीट की घटना की आलोचना करते हुए कहा कि यहां के ग्रामीणों द्वारा विगत संसदीय चुनावों में एनडीए को समर्थन देने के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया है.
श्री शर्मा ने कहा कि इस घटना से पुलिसिया जुर्म तथा सरकार का अमानवीय चेहरा जनता के सामने आ गया है.
यह मामला मानवाधिकार ,महिला आयोग तथा आपराधिक घटना का मामला बनता है. इस मामले को लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान संसद में भी उठायेंगे. इस मौके पर पार्टी के विष्णु पासवान, कामता प्रसाद चंद्रवंशी ,अनिल पासवान,संजय कुशवाहा,राजू पासवान आदि मौजूद थे.

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