35 किलोमीटर जलापूर्ति के पाइप बिछाने का लक्ष्य
बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र के लोगों की पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए नगर विकास विभाग शहर के आठ स्थानों पर उच्च प्रवाही ट्यूबवेल लगाने की स्वीकृति प्रदान की है. इसके अलावा शहर के चार स्थानों पर जलमीनार बनायी जायेगी. यह कार्य डूडा के माध्यम से किया जायेगा. इस कार्य के लिए टेंडर निकाले जा चुके हैं और उम्मीद की जा रही है कि मार्च महीने के अंतिम सप्ताह तक निर्माण कार्य भी शुरू हो जायेगा.
बिहारशरीफ : शहर की तेजी से बढ़ रही आबादी को पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए नगर विकास विभाग ने एक बड़ी योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इसके तहत शहर के आठ स्थानों पर 18 इंच के पाइप वाले उच्च जल प्रवाही ट्यूबवेल लगाये जायेंगे. इसके अलावा चार स्थानों पर एक लाख गैलन क्षमता वाली जल मीनार भी बनाये जायेंगे. इसके निर्माण का दायित्व डूडा को सौंपा गया है.
ट्यूबवेल व जलमीनार के निर्माण के लिए डूडा का नगर निगम से एनओसी प्राप्त हो जाने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. उम्मीद है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जायेगा. इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र में घर-घर पेयजल की आपूर्ति करने के उद्देश्य 35 किलोमीटर पाइप बिछायी जायेगी. नगर निगम के 46 वार्डो में पाइप बिछायी जानी है. इससे घर-घर में शुद्ध जल उपलब्ध हो सकेगा. नगर निगम क्षेत्र के कई वार्ड अब शहरवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता था.
हरेक ट्यूबवेल पर खर्च होंगे 18 लाख
शहर के आठ स्थानों पर ट्यूबवेल लगाये जायेंगे,जिसमें से सात के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है. एक स्थान पर ट्यूबवेल लगाये जाने की स्वीकृति अभी तक नहीं मिल पायी है. इन उच्च जल प्रवाही ट्यूबवेल में 18 इंच व्यास वाली पाइप का प्रयोग किया जायेगा. प्रत्येक ट्यूबवेल के निर्माण पर 18 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे.शहर के चार स्थानों पर जलमीनार लगाये जायेंगे. प्रत्येक जलमीनार की क्षमता एक लाख गैलन पानी की होगी. इस जलमीनार को भरने के लिए दो-दो ट्यूबवेल का प्रयोग किया जायेगा. प्रत्येक जलमीनार के निर्माण पर 50 से 55 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे.
कैंप लगा कर दिये जायेंगे कनेक्शन
डूडा द्वारा नगर निगम के सहयोग से कैंप लगा कर लोगों को पानी का कनेक्शन दिया जायेगा. इसके लिए सभी 46 वार्डो में कैंप लगाया जायेगा.
जलमीनार को ले होगा साइट वेरिफिकेशन
जलमीनार लगाने के लिए अभी स्थल निर्धारित नहीं किया गया है. इसके लिए जगह चिह्न्ति कर लिया गया. अधिकारियों द्वारा चिह्न्ति स्थलों का वेरिफिकेशन करने के बाद ही जलमीनार के निर्माण के लिए स्थल का चयन होगा. इसे जल्द ही शुरू किया जायेगा.
