गेट मित्र के भरोसे रेलखंड के फाटक

रहीन व्यवस्था की चपेट में ही पिता,पुत्र, भतीजी सहित गयी चार की जिंदगी बिहारशरीफ : अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थलों को देश से जोड़ने वाला बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड आये दिन भीषण दुर्घटनाओं का गवान बनता जा रहा है.शनिवार की देर संध्या बिहारशरीफ-पावापुरी के बीच तुंगी हॉल्ट से पहले बरातियों से भरी एक मैजिक गाड़ी बख्तियारपुर से राजगीर जा […]

रहीन व्यवस्था की चपेट में ही पिता,पुत्र, भतीजी सहित गयी चार की जिंदगी
बिहारशरीफ : अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थलों को देश से जोड़ने वाला बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड आये दिन भीषण दुर्घटनाओं का गवान बनता जा रहा है.शनिवार की देर संध्या बिहारशरीफ-पावापुरी के बीच तुंगी हॉल्ट से पहले बरातियों से भरी एक मैजिक गाड़ी बख्तियारपुर से राजगीर जा रही डीएमयू सवारी गाड़ी से टकरा गयी.इस हादसे में तीन की मौत हो गयी थी,जबकि दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे.
रविवार की संध्या करीब चार बजे घटनास्थल के एक पैन से छह वर्ष के बालक का शव बरामद किया गया है.बताया जाता है कि बालक की मौत का कारण मैजिक सवारी गाड़ी व डीएमयू सवारी गाड़ी से हुई टक्कर के उपरांत हुई है.घटना के दूसरे रविवार को पुलिस द्वारा घटनास्थल के पास पैन से शव को खोजने का काम कर रही है.ग्रामीणों द्वारा आशंका व्यक्त की गयी थी कि पैन में और शव हो सकता है.
पुलिस द्वारा उक्त पैन से एक छह वर्षीय बालक का शव बरामद किया गया है.मृतक की पहचान मानपुर थाना क्षेत्र के खारे बिगहा गांव के स्वर्गीय अरुण चौधरी के पुत्र कशिश कुमार के रूप में गयी है.मृतक के भाई संजय कुमार की माने तो इस हादसे के बाद पांच लोगों का अता-पता नहीं चल रहा है,हालांकि पुलिस का कहना है कि शव को खोजनी की प्रक्रिया जारी है. रेलखंड पर कुल 17 रेलवे क्रॉसिंग है.
इसमें से 9 रेलवे क्रॉसिंग मानव रहित है.शेष आठ रेलवे क्रॉसिंग पर गेट मित्र की तैनाती रेलवे द्वारा की गयी है.गेट मित्र की तैनाती टेंडर के आधार पर की जाती है.ड्यूटी पर लगाने से पूर्व इन्हें प्रशिक्षित किया जाता है.बख्तियारपुर-राजगीर रेलखंड के तीन ऐसे महत्वपूर्ण स्थान हैं,जहां न तो फाटक है,और ना ही कोई ठोस व्यवस्था,जिससे हादसे को रोका जा सके.ऐसा पहला स्थान बख्तियारपुर-हरनौत के बीच में,दूसरा बिहारशरीफ-पावापुरी में एवं तीसरा नालंदा एवं राजगीर के बीच में है.
रेलवे ट्रैक पार करते वक्त सावधानी के पांच मंत्र
1.पहले रूकें,रेलवे ट्रैक के दोनों ओर देखें
2.रेलवे फाटक बंद होने की स्थिति में कभी भी नहीं ट्रैक को पार करें
3.कुहासे के वक्त खुद को व अपने वाहन को ट्रैक से दूर रखें.स्थिति स्पष्ट हो जाने के बाद ही पार करें.
4.बंद रेलवे फाटक के नीचे से हरगिज नहीं क्रॉस करें
5.सावधानी से नहीं हटायें ध्यान,आपके पीछे हैं बच्चे व परिवार
फाटक के पास सावधानी से संबंधित लगाये गये हैं बोर्ड
संबंधित रेल फाटक पर रेलवे की ओर से तीन तरह के सावधानी से संबंधित बोर्ड लगाये गये हैं,जिसे डब्लू एल,आर डब्लू एल व डब्लू कहा जाता है
क्या हैं इनके मतलब
1.डब्लू एल-ट्रेन के चालक के लिए-सीटी बजाओ फाटक आया.
2.आर डब्लू एल-नियमित सीटी बजाओ
3.डब्लू-सिर्फ सीटी बजाओ(अनधिकृत रूप से बने रेलवे क्रॉसिंग से पहले रेल के चालक द्वारा बजाया जाता है)
हादसे में एक पिता-पुत्र भतीजी सहित चार की हुई है मौत
हादसे में पिता-पुत्र,भतीजी व गांव की एक महिला की मौत हुई है.मृतकों में अरुण चौधरी इनके पुत्र कशिश कुमार,भतीजी टूसी देवी व गांव की महिला सोनी देवी शामिल है.

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