पहल : सदर अस्पताल की बिजली पर निर्भरता होगी खत्म
बिहारशरीफ : सदर अस्पताल के कर्मियों एवं मरीजों को स्वास्थ्य महकमा द्वारा लगातार कई सुविधाएं दी जा रही है. न सिर्फ किडनी मरीजों के लिए यहां बनाये जा रहे डायलिसिस सेंटर को अतिशीघ्र चालू कराने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है,बल्कि अज्ञात शवों को पहचान होने तक सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह वातानुकूलित मॉरच्यूरी हाउस की नींव भी डाल दी गयी है.
इसके अलावे सदर अस्पताल की बिजली पर आत्मनिर्भरता कम हो . इस क्रम में सदर अस्पताल परिसर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से दर्जनों सौर उर्जा प्लेट लगाये जा रहे हैं. इस कार्य को बिहार रेन्युबल एनर्जी डेवलपमेंट ऑर्थिरिटी के सहयोग से पूरा कराया जा रहा है. सोलर प्लेटों को लगाने की जिम्मेवारी हैदराबाद के प्रीमियर सोलर कंपनी को दी गयी है.
सदर अस्पताल में लगेंगे 65 पैनल :सदर अस्पताल में सोलर प्लेटों के लिए कुल 65 पैनल लगाया जाना है. एक पैनल 300 केभी तक बिजली उत्पन्न कर सकेगा. इस हिसाब से कुल 65 पैनल लगाये जाने के बाद इन सोलर प्लेटों से सदर अस्पताल को कुल 19 हजार 500 केभी तक बिजली मिल सकेगी.
सोलर प्लेटों से यह होगा फायदा: अगर सदर अस्पताल की बिजली गुल हो गयी ,तो यहां सोलर प्लेटों से रोशनी की जा सकती है. इससे यहां भरती मरीजों को काफी राहत मिल सकेगी. साथ ही,अस्पताल में कार्यरत कर्मियों को अपने – अपने कामों को निबटाने में सहूलियत हो सकेगी. इसके अलावे जेनेरेटर मद में प्रतिमाह अस्पताल की खर्च हो रही हजारों रुपये की राशि का भुगतान करना नहीं होगा.
