राजधानी पकड़ के आ जइयो.. पर झूमे श्रोता

महोत्सव के 12 वें दिन नन्हें कलाकारों ने दिखाया जलवा राजगीर : राजगीर महोत्सव के 12 वें दिन स्थानीय तथा अन्य प्रदेशों के नामी- गिरामी कलाकारों की स्वर लहरियों से राजगीर की वादियां झंकृत होते रही. कलाकारों ने महोत्सव में अपने एक से बढ़कर आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा. शाम ढ़लते ही महोत्सव […]

महोत्सव के 12 वें दिन नन्हें कलाकारों ने दिखाया जलवा

राजगीर : राजगीर महोत्सव के 12 वें दिन स्थानीय तथा अन्य प्रदेशों के नामी- गिरामी कलाकारों की स्वर लहरियों से राजगीर की वादियां झंकृत होते रही. कलाकारों ने महोत्सव में अपने एक से बढ़कर आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा.

शाम ढ़लते ही महोत्सव का पंडाल जहां रंगीन प्रकाश से नहा उठा, वहीं मंच पर थिरकते पैरों और घुंघरूओं की झंकार से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा. ‘या देवी सर्वभूतेषु..‘ के कों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई.

कस्तूरबा विद्यालय अस्थावां की छात्राओं ने भगवान कृष्ण और शिव की वेशभूषा में अनोखे नृत्य की प्रस्तुति कर दर्शकों को आश्चर्य में डाल दिया. नृत्य के दौरान भगवान श्री कृष्ण तथा शंकर के कई रूपों और भाव भंगिमाओं को देख कर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग एकटक निहारते रह गये. दर्शकों ने बीच-बीच में तालियों की गड़गड़ाहट से नन्हें कलाकारों का उत्साहवर्धन भी करते रहे. कला एवं संस्कृति विभाग के कलाकार टीना और शशांक की युगल जोड़ी भी मंच पर खूब जमी. एक राधा एक मीरा भक्ति नृत्य पर इस युगल जोड़ी को खूब वाहवाही मिली.

जट-जाटिन के युगल नृत्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा. एकल नृत्य के दौरान शशांक ने ‘तन डोले, मेरा मन डोले‘ पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम में पटना की कलाकार रेणु कुमारी ने ‘कहवां के कत्था-चूना, कहवां के पान‘ गीत का आकर्षक व मनमोहक प्रस्तुति की.

दर्शक दीर्घा में बैठे दर्शक इस गीत पर झूम उठे. कार्यक्रम के तीसरे पड़ाव में सिम्मी कुमारी लोकगीत गायिका ने ‘सनम राजधानी पकड़ के आ जइयो‘, पीना ने लाली रे लाली चुनरिया, रेणु भारती ने अजरा गोली गुईयां गाने की प्रस्तुति की. तदोपरांत गुजरात की पटेल रास मंडली के कलाकारों ने एक से बढ़ कर एक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए लोगों को खूब रिझाया.

गुजरात का गरबा नृत्य, शौर्य नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुति की. गुजरात के ही संधवी चार्मी ने ‘वो कृष्णा है‘ पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया. इन कलाकारों ने इस ठंडे मौसम में भी नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को कुरसी से बंधे रहने पर मजबूर कर दिया.

कार्यक्रम के दौरान कलाकारों के द्वारा प्रस्तुत किये गये नृत्य संगीत की दुनिया में गोता लगाते रहे और झूमते रहे. इस पूरे कार्यक्रम के दौरान उद्घोषक डॉ प्रभाकर सिन्हा ने बीच-बीच में शेरो-शायरी से दर्शकों एवं पंडाल में बैठे पदाधिकारियों को भी खूब मनोरंजन कराया. कलाकारों को जिलाधिकारी बी कार्तिकेय ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया.

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