बिहारशरीफ (नालंदा) : आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करा रही सरकार अब अज्ञात शवों को भी अस्पताल में सुरक्षित रखने के लिए सार्थक पहल कर रही है. जिला सदर अस्पताल में शवों को सुरक्षित रखने के लिए एक मुरदा घर निर्माण के लिए खाका तैयार हो चुका है.
अस्पताल परिसर में इसके लिए जमीन भी चिह्न्ति कर उसका आवंटन किया जा चुका है. आवंटित जगह पर जल्द-से-जल्द मुरदा घर बनाने के लिए काम भी शुरू करा दिया गया है. मुरदा घर के लिए वातानुकूलित भवन बनाने के लिए करीब 70 लाख रुपये खर्च होंगे. यह मुरदा घर पूरी तरह से अत्याधुनिक एवं आवश्यक सुविधाओं से लैस होगा.
ऐसे उम्मीद जतायी जा रही है कि अब पुलिस को लावारिस लाशों को पहचान होने तक इसे मुरदा घर में रखे जाने पर काफी सहूलियत होगी. अमूनन पहले पुलिस प्रशासन को जब कोई अज्ञात शव बरामद होता था, तब इसे पोस्टमार्टम कराने के बाद तुरंत डिस्पोजल कराने की मजबूरी होती थी, लेकिन अब मुरदा घर के बन जाने से ऐसे अज्ञात शवों को पहचान होने तक यहां सुरक्षित रखा जा सकता है.
साथ ही ऐसे शवों के पहचान हो जाने पर इनके परिवारों को अंतिम दाह संस्कार करने का भी मौका मिल सकेगा. अगर सब कुछ ठीकठाक रहा, तो चार – पांच माह में सदर अस्पताल की सेवा के तहत मुरदा घर की सुविधा भी बहाल हो जायेगी.
