बिहारशरीफ : समाज के लिए नेक कार्य करने और मिसाल बनने की इच्छा सभी में होती है लेकिन हर कोई इसमें सफल नहीं होता. जिनमें यह हौसला पक्का होता है और जो उड़ान भर आकाश को छूने की कुबत रखते हैं, वहीं इसमें शानदार सफलता हासिल कर मानवता की मिसाल पेश कर जाते हैं. नालंदा के लाल रहे प्रभात कुमार रोमियो आज इस बात की जीती जागती तसवीर हैं.
भले ही कोई नववर्ष के मौके पर मठ – मंदिरों की घंटियां बजाएं, भगवान के सामने माथा टेकें , लेकिन प्रभात तो पिछले साढ़े तीन वर्षो से लगातार नववर्ष पर ब्लड डोनेट कर ही इस दिन की शुरूआत करते हैं. गुरुवार को भी प्रभात सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में पहुंच अपने नववर्ष के पहले दिन की शुरुआत अपना ब्लड डोनेट कर किया. हालांकि ब्लड लेने के समय जब इन्हें सुई चुभोई गयी तो इन्हें हल्की टिस तो जरूर हुई, लेकिन यह खुशी भी थी कि आज वह फिर एक बार अपने नववर्ष की शुरुआत एक नेक कार्य से कर रहे हैं.
मानवता की मिसाल बन चुके स्थानीय महलपर मोहल्ला निवासी प्रभात कुमार रोमियो का कहना है कि जब वह ब्लड के अभाव में किसी को मरते देखता या सुनता है तो दु:ख से कराह उठता है. इसलिए वह ब्लड के अभाव में मर रहे लोगों को जीवन दान के लिए ब्लड डोनेट का कार्य कर रहा है.
काबिले तारीफ बात यह कि प्रभात की उम्र बामुश्किल अभी तीस वर्ष ही हैं. बावजूद वह अब तक बाइस बार रक्तदान कर चुका है. बताते चलें कि प्रभात हर तीन माह पर ब्लड का डोनेट करता रहा है. हालांकि ब्लड डोनेशन के बदले प्रभात को एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिलती, लेकिन उन्हें इस बात का सुकून है कि वह एक मानवीय एवं नेक कार्य में साझीदार हो रहा है. इस मौके पर सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक के प्रभारी डा. मनोज कुमार बताया कि हमारे शरीर में स्पिलिन ब्लड बैंक होता है.
इसमें 500 एमएल ब्लड हमेशा मौजूद रहता है. इसलिए जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है तो स्पिलिन निकले ब्लड की भारपाई कर देता है.
इसलिए स्वस्थ्य व्यक्ति को रक्तदान करने मे कभी कमजोरी नहीं होती है. उन्होंने बताया कि निरंतर रक्तदान करने से शरीर में ब्लड कैंसर, रक्त चाप व डायबीटिज रोग के पनपने का खतरा शून्य होता है. इसलिए हरेक व्यक्ति को रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए. रक्तदान शिविर में ब्लड बैंक के रूटीन प्रभारी एखलाक अहमद, लैब टेक्नीशियन संजय कुमार, उमाकांत कुमार व सहायक यमुना प्रसाद आदि उपस्थित थे.
