बिहारशरीफ : अपराधियों के हाथों शहीद हुए सारण के इसुआपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार तिवारी नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र के मुरारपुर ब्रहम स्थान के रहने वाले थे. इनके पिता जी का नाम कमला कांत तिवारी है. सोमवार को घटना की सूचना के तत्काल बाद इनके माता-पिता सारण चले गये. इधर संजय उर्फ बबलू की मृत्यु की खबर जैसे ही मुहल्ले में फैली पूरा मुहल्ला गम में डूब गया.
वर्ष 2009 बैच के पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार तिवारी तीन भाई व एक बहन थे. इनके बड़े भाई संतोष तिवारी दिल्ली में इंजीनियर हैं,जबकि सबसे छोटा भाई संजीव तिवारी बेंगलुरू में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं. इनके पिता मुहल्ले में पूजा-पाठ कराते हैं. साधारण परिवार से संबंध रखने वाले स्वर्गीय संजय कुमार तिवारी अभी पंद्रह दिन पूर्व ही अपनी पत्नी व एक वर्ष के पुत्र के साथ बिहारशरीफ आये थे. पुन: जल्द आने की बात उन्होंने कही थी.
श्री तिवारी के मकान में किराये पर रहने वाली अनीता देवी बताती है कि उनका व्यवहार काफी मर्यादित रहता था. कभी यह एहसास नहीं हुआ कि मैं उनके घर की किरायेदार हूं. पड़ोस की शांति देवी कहती हैं कि बाबू हमें चाची कह कर पुकारते थे. घर आने पर आस-पड़ोस के बड़े बुजुर्गो को पैर छू कर आशीर्वाद लिया करते थे. पास की एक दूसरी बुजुर्ग महिला ने बताया कि विश्वास ही नहीं हो रहा है कि बबलू(घर का पुकारू नाम) अब नहीं रहे. पड़ोस के मुंह बोले चाचा उमेश प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2009 में मुहल्ले के तीन मेधावी लड़के ने कठिन परिश्रम के बाद पुलिस विभाग में नौकरी लेने में कामयाबी हासिल की थी,जिसमें संजय के अलावे हमारा पुत्र शिव शंकर सिंह व रवि शंकर शामिल है.
प्रसाद ने बताया कि कानून उन अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दे.घटना की सूचना पर लहेरी इंस्पेक्टर ओम प्रकाश सिंह व दीप नगर थानाध्यक्ष राजनंदन परिवार से मिलने घर पहुंचे. दीप नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि स्वर्गीय संजय तिवारी हमारे बैच के थे.वह काफी हिम्मत वाले पुलिस ऑफिसर थे.
