एक फॉगिंग मशीन के सहारे डेंगू के खिलाफ जंग

बिहारशरीफ : आठ में सात फॉगिंग मशीनें खराब पड़ी हैं. एक मशीन के सहारे जिला मलेरिया विभाग डेंगू के खिलाफ जंग लड़ रही है, जबकि जिले में आये दिन डेंगू के मरीज मिल रहे हैं. एेसी विषम परिस्थिति में डेंगू के खिलाफ कैसे बेहतर तरीके से जंग लड़ी जा सकती है. यानी कि डेंगू मच्छर […]

बिहारशरीफ : आठ में सात फॉगिंग मशीनें खराब पड़ी हैं. एक मशीन के सहारे जिला मलेरिया विभाग डेंगू के खिलाफ जंग लड़ रही है, जबकि जिले में आये दिन डेंगू के मरीज मिल रहे हैं. एेसी विषम परिस्थिति में डेंगू के खिलाफ कैसे बेहतर तरीके से जंग लड़ी जा सकती है. यानी कि डेंगू मच्छर को मारने के लिए दवा की फॉगिंग समय पर कैसे संभव हो पायेगा, जिस इलाकों में डेंगू के मरीज मिले हैं. वहां पर समय पर दवा की फॉगिग कराने के लिए मलेरिया विभाग के अधिकारी से लेकर कर्मियों तक को इन दिनों कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है. जिला मलेरिया विभाग के पास कहने को तो छह फॉगिंग मशीनें हैं, पर सभी खराब पड़ी हैं.

मशीनें जिला मलेरिया कार्यालय में सिर्फ शोभा बढ़ा रही हैं. वैसे जिले में कुल आठ मशीनें हैं. जिला मलेरिया विभाग के अलावा चंडी पीएचसी व नूरसराय पीएचसी में एक-एक मशीन उपलब्ध हैं. लेकिन चंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मशीन को भी इलाज की जरूरत आ पड़ी है. इस तरह एक मात्र नूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की फॉगिंग मशीन ठीक है. इसके सहारे जिला मलेरिया विभाग डेंगू मच्छर के खिलाफ मैदान में जंग के लिए उतरी हुई है. पिछले दिनों नूरसराय की फॉगिग मशीन के सहारे चंडी के रैसा व गंगाबिगहा में फॉगिंग की गयी.

अब तक डेंगू के मिले पांच मरीज : जिले में डेंगू के अब तक पांच मरीज मिल चुके हैं. इनमें से सबसे अधिक चंडी प्रखंड में दो मरीज मिले हैं. इसके अलावा बिहारशरीफ शहरी क्षेत्र, इस्लामपुर व सरमेरा में एक-एक लोग डेंगू से पीड़ित मिले हैं. डेंगू धीरे-धीरे जिले में अपना पांव पसारने में लगा हुआ है. यानी कि जिले के 20 में से चार प्रखंडों में डेंगू ने दस्तक दे दी है़ जिला स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह से सजग रहने की जरूरत है.
आठ में सात फॉगिंग मशीनें खराब, छिड़काव में हो रही दिक्कत
जिले में मिले मरीज, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी को दी गयी सूचना
क्या कहते हैं अधिकारी
खराब मशीनों के बारे में अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, कालाजार व मलेरिया (फॉगिंग) डॉ एमपी शर्मा को सूचना दे दी गयी है़ कहा गया है कि जल्द ही इंजीनियर नालंदा जायेंगे और खराब मशीनों की मरम्मत करेंगे.
डॉ रवींद्र कुमार, डीएमओ, नालंदा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >