सब्जी का समर्थन मूल्य नहीं मिलने से नाराज किसानों का फूटा गुस्सा
दो रुपये किलो भी कद्दू लेने को तैयार नहीं हैं व्यापारी, किसान हताश
नूरसराय (नालंदा) : रविवार की सुबह नूरसराय की सब्जी मंडी में रोज की तरह किसान कद्दू बेचने आये, लेकिन व्यापारी कद्दू का लागत मूल्य भी नहीं दे रहे थे. इससे हताश किसानों का गुस्सा फूट पड़ा.
आक्रोशित किसानों ने मंडी में बिकने के लिए लाये कद्दुओं को बिहार-पटना मुख्य मार्ग पर फेंकना शुरू कर दिया. देखते-ही-देखते करीब दो-तीन सौ मन कद्दू रोड पर जमा हो गया और मार्ग अवरुद्ध हो गया. इससे गाड़ियों का परिचालन ठप हो गया़ इसके बाद नाराज किसान सड़क पर हंगामा करने लगे.
इसकी खबर मिलते ही बीडीओ रंजीत कुमार, थानाध्यक्ष सुनील कुमार निर्झर, मुखिया रामकृष्ण कुमार वहां पहुंचे और उन्हें समझा-बुझाकर रोड से हटाया. काफी मशक्कत के बाद जेसीबी से रोड पर फेंके गये कद्दू को हटाया गया. लगभग तीन घंटे के बाद यातायात बहाल हुआ. इसी बीच कई किसानों ने बताया कि हमलोगों को गांव से बाजार सब्जी लाने में ठेले वालाें को 25 रुपये प्रति गाजा के हिसाब से भाड़ा देना पड़ता है. यहां 20 रुपये गाजा कद्दू लेने को कोई तैयार नहीं है.
बाजार में रोज खाद, तेल, बीज का मूल्य लगातार बढ़ता जा रहा है. हम किसान काफी मेहनत और जमा पूंजी लगा कर सब्जी का उत्पादन करते हैं, लेकिन हमलोगों को इसका लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है. अंधना पंचायत के सैदी गांव के प्रगतिशील किसान नागमणि प्रसाद ने कहा कि बीते 10 दिनों से किसानों को सब्जी में लागत मूल्य नहीं निकल रहा है. एक रुपया, दो रुपया किलो कद्दू बिक रहा है, जबकि एक बीघा कद्दू की खेती करने में 15 से 20 हजार रुपये खर्च आता है.
खाद कीटनाशी दवा महंगी हो गयी है. लागत मूल्य भी नहीं निकल रहा है. वहीं जय प्रकाशपुर भेड़िया के प्रगतिशील किसान सच्चिदानंद प्रसाद का कहना है सब्जी उत्पादक किसान भुखमरी के कगार पर हैं. कद्दू ही नहीं और भी सब्जियों का लागत मूल्य नहीं निकल रहा है. सरकार को चाहिए कि किसानों की समस्या सुन सब्जी की मार्केटिंग की व्यवस्था की जाये.
कहते हैं सब्जी व्यापारी
नूरसराय के कस्थमंडू बाजार के व्यापारी विनोद चौहान का कहना है इस बार किसानों ने कद्दू की खेती अधिक की है. प्रतिदिन 200 मन से अधिक कद्दू नूरसराय बाजार में आता है. किसी दिन व्यापारी कम आये तो सब्जी की कीमत कम हो जाती है.
