इंटर रिजल्ट. जिले के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम, बेहतर प्रदर्शन पर लगा बधाइयों का तांता
प्रभा कुमारी के साथ खुशी मनाते परिजन
बिहारशरीफ : जिले के कई छात्र-छात्राओं ने इंटरमीडिएट परीक्षा के स्टेट टाॅपरों की सूची में शामिल होकर अपने स्कूल-काॅलेज के साथ-साथ जिले का नाम भी रोशन किया है. इनमें बड़ी पहाड़ी उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ की छात्रा प्रभा कुमारी ने इंटर आर्ट्स में 409 अंक प्राप्त कर स्टेट टाॅपर की सूची में सातवां स्थापन प्राप्त किया है. इसी प्रकार आईकाॅम में अल्लमा इकबाल काॅलेज बिहारशरीफ का छात्र मो निशात ने 425 अंक प्राप्त कर स्टेट टाॅपर की सूची में तृतीय स्थान प्राप्त किया है.
स्थानीय केएसटी काॅलेज की छात्रा सोनम कुमारी भी आईकाॅम में 418 अंक प्राप्त कर स्टेट टाॅपर की सूची में 10 वें स्थापन पर है. जिले की बेटी तथा सिमुलतला आवासीय विद्यालय जमुई की छात्रा जेलसी सिंह आइएससी में 410 अंक लाकर स्टेट टाॅपर की सूची में 10 वें स्थान पर है. जिले के इन छात्र-छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन से आज पूरा जिला गैरवान्वित है.
साधारण व्यवसायी की पुत्री है सोनम
सफलता के लिए धन-दौलत से अधिक जुनून की जरूरत होती है. इसे जिले की बेटी सोनम ने सच कर दिखाया है. स्थानीय केएसटी काॅलेज, सलेमपुर, सोहसरय की छात्रा सोनम ने आईकाॅम में पूरे सूबे में 10 वां रैंक प्राप्त किया है. एकंगरसराय निवासी सतीश कुमार तथा मंजू कुमारी की पुत्री सोनम कम संसाधनों के बावजूद अपने लगन और परिश्रम से 418 अंक प्रापत कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है. हालांकि, सोनम अपने अंकों में और सुधार की जरूरत महसूस करती है. पिता साधारण ज्वेलरी की दुकान चलाते हैं, जबकि माता गृहिणी है. अच्छे रिजल्ट से सोनम के हौसले बुलंद है. वह आइएएस अधिकारी बन कर समाजसेवा करना चाहती है.
किसान की बेटी जेलसी ने मनवाया लोहा
जिले की बेटी तथा सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई के छात्रा जेलसी सिंह साधारण किसान परिवार से आती है. मैट्रिक परीक्षा 2016 में भी स्टेट रैंकिंग में चौथा स्थान प्राप्त किया था. आइएससी की परीक्षा में 410 अंक प्राप्त कर स्टेट रैंकिंग में नौवें स्थान पर आयी हैं. जेलसी सिंह जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत गजराज बिगहा गांव निवासी संजय कुमार सिंह तथा रंजू सिंह की पुत्री है. पिता साधारण किसान तथा माता गृहिणी है. जेलसी के पिता संजय कुमार सिंह बताते हैं कि वे बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं समझते हैं. वे बचपन से ही बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान रखते रहे हैं. जेलसी भी पिता के सपनों को साकार करने में जुटी है.
