बिहारशरीफ : संक्रामक व जानलेवा बीमारी जेई/एईएस के मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध करायी जा सके, जिसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जोयगा. इस समिति में सिविल सर्जन समेत जिला स्वास्थ्य विभाग के चार प्रोग्राम पदाधिकारी शामिल किये जायेंगे. समिति बीमारी पर पैनी नजर रखेगी तथा मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही चिकित्सा […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : संक्रामक व जानलेवा बीमारी जेई/एईएस के मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध करायी जा सके, जिसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जोयगा. इस समिति में सिविल सर्जन समेत जिला स्वास्थ्य विभाग के चार प्रोग्राम पदाधिकारी शामिल किये जायेंगे. समिति बीमारी पर पैनी नजर रखेगी तथा मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही चिकित्सा सेवा की निगरानी करेगी. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला मलेरिया विभाग को निर्देश दिया गया है कि जेई व एईएस पर नजर रखने के लिए जिलास्तरीय समिति का गठन किया जाये. समिति के अध्यक्ष सिविल सर्जन होंगे.सरकार के इस आदेश के आलोक में
जिला मलेरिया विभाग के अधिकारी समिति गठनच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसमें सिविल सर्जन के अलावा तीन सदस्य होंगे. इनमें अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला मलेरिया पदाधिकारी व मलेरिया विभाग के सलाहकार शामिल होंगे. इसी तरह मेडिकल कॉलेज में भी एक समिति बनायी जायेगी. नालंदा जिले में विम्स पावापुरी मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य समिति के अध्यक्ष होंगे. इसके अलावा विभागाध्यक्ष व एक वरीय चिकित्सा पदाधिकारी सदस्य के रूप में शामिल किये जायेंगे. समिति मरीजों की मौत की पड़ताल करेंगे.
पीएचसी में बनाया गया है अलग वार्ड
जापानी इंसेफलाइटिस व एईएस को विभाग अलर्ट है. सभी पीएचसी में जेई वार्ड की व्यवस्था की जा चुकी है. हर पीएचसी व अनुमंडलीय अस्पताल में पांच-पांच बेड की अतिरिक्त व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा सदर अस्पताल में दस बेडों का जेई वार्ड बनाया गया है. साथ ही पीएचसी स्तर से लेकर जिला तक मेडिकल टीम बनायी गयी है.
कोट
सरकार व राज्य स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त निर्देश के आलोक में जिलास्तरीय समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. समिति जेई के रोगियों व चिकित्सा व्यवस्था से लेकर अन्य बिंदुओं पर नजर रखेगी और मॉनीटरिंग करेगी. सिविल सर्जन समिति के अध्यक्ष होंगे.