मलमास मेले का पहला शाही स्नान आज

राजगीर (नालंदा) : मलमास मेले का पहला शाही स्नान शुक्रवार को होगा. इस दिन लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है. अधिक भीड़ जुटने की उम्मीद को देखते हुए सुबह तीन बजे के बदले दो बजे मध्य राात्रि में ही कुंड का मुख्य द्वारा खोल कर लोगों को स्नान करने दिया जायेगा. प्रशासन इसके […]

राजगीर (नालंदा) : मलमास मेले का पहला शाही स्नान शुक्रवार को होगा. इस दिन लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है. अधिक भीड़ जुटने की उम्मीद को देखते हुए सुबह तीन बजे के बदले दो बजे मध्य राात्रि में ही कुंड का मुख्य द्वारा खोल कर लोगों को स्नान करने दिया जायेगा. प्रशासन इसके लिए पूरी तरह से मुस्तैद दिख रही है. कुंड के बाहरी परिसर और मुख्य मार्ग के किनारे बैरिकेटिंग किया गया है. लोगों को धूप और गरमी से बचाव के लिए शेड का निर्माण कराया गया हे. वहीं शेड के नीचे लाइन में लगे लोगों को गरमी से बचाव के लिए फुहारा युक्त कूलर पंखे की व्यवस्था की गयी है.

सात बजे से 10 बजे तक होगा शाही स्नान : शाही स्नान में साधु-संतों के स्नान का विशेष महत्व है. साधु-संतों और आम जनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसको लेकर प्रशासन ने साधु संतों के स्नान का समय प्रशासन ने निर्धारित कर दिया है. एसडीओ संजय कुमार, डीसीएलआर प्रभात कुमार, कल्याण पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि सुबह के सात बजे से लेकर 10ः30 बजे तक साधु संतों का स्नान होगा. सबसे पहले खाकी चैक के महंथ का स्नान होगा. इसके बाद पहले आओ पहले पाओ के आधसार पर साधु संतों को प्रवेश दिया जायेगा. इस दौरान आम श्रद्धालुओं को लाइन में रखा जायेगा. बीच-बीच में जब साधु संतों का आगमन नहीं होगा तब लाइन में लगे लोगों को स्नान कराया जायेगा.
वैदिक मंत्रों से गुंजायमान हुआ कुंड क्षेत्र : स्नान ध्यान के बाद लोगों के पूजा पाठ का सिलसिला शुरू हुआ. पूजा-पाठ के लिए लोग यहां के मंदिरों की ओर रूख किये. सबसे ज्यादा भीड़ लक्ष्मी नारायण मंदिर में देखी गयी. वहीं शिव मंदिर और हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी लोगों ने पूजा-पाठ कर धार्मिक लाभ लिया. इस दौरान यहां पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा. जयकारों और शख ध्वनियों से पूरा कुंड क्षेत्र गुंजायमान होता रहा. राजगीर मलमास मेला के नौंवे दिन लाखों लोगों ने यहां के विभिन्न कुंडों सहित पवित्र नदियों में स्नान ध्यान और धर्म कर्म का धार्मिक लाभ लिया.
बिछड़ते और मिलते रहे लोग
मलमास मेला में काफी भीड़ होने के कारण लोगों को अपने परिवार और सगे संबंधियों से बिछड़ने व मिलने का सिलसिला पूरे दिन जारी रहता है. औसतन 100 लोग प्रत्येक दिन अपने परिवार से बिछड़ रहे हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग भी शामल है. जिन्हें नियंत्रण कक्ष एवं नालंदा सेवा समिति के पंडाल में लोकर माइक से प्रचार प्रसार कर उनको उनके परिवार से मिलाने का प्रयास किया जाता है. नियंत्रण कक्ष में ड्यूटी पर तैनात एसआई आलोक कुमार ने बताया कि माइक पर प्रचार-प्रसार के बाद लगभग अधिकत लोग अपने परिवार से मिल ही जाते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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