पहल. सात दिनों में पान फसल की क्षति का होगा सर्वे
ठंड से पान की खेती को हुए नुकसान का मुआवजा देने की प्रक्रिया होगी शुरू
राजगीर (नालंदा) : प्रखंड के दुहई-सुहई गांव में ठंड से नुकसान हुए पान की खेती को देखने के लिए कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार गांव पहुंचे. उन्होंने गांव में पहुंच कर पान के किसानों से बात की. उन्होंने मुआवजा दिलाने के लिए ठोस पहल करने की बात कही. डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि पान की खेती कृषि से जुड़ा हुआ है इसके बाद भी पान को कृषि का दर्जा नहीं मिला है.
पान को कृषि का दर्जा देने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जायेगा. इसके लिए वे अनुशंसा करेंगे. नालंदा का मगही पान की अलग पहचान है. उन्होंने कहा कि सूबे के 17 जिलों में ओला व ठंड से पान की खेती को भारी नुकसान हुआ है. इस कारण पान की खेती करने वाले किसानों की लगी पूंजी भी नष्ट हो गयी है. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग व उद्यान विभाग के डायरेक्टर व अन्य पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर सर्वे कराने को कहा. सर्वे की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन को भेजी जायेगी. इसकी प्रक्रिया अपनायी जा रही है ताकि आने वाले दिनों में पान कृषकों को उचित मुआवजा मिल सके. कृषि मंत्री ने कहा कि पान कृषकों को बनारस की मंडी में काफी दोहन होता है. इस पर भी बात उठायेंगे. सूबे की सरकार ने वर्ष 2017 में तीसरा कृषि रोड मैप बनाया है.
मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने किसानों के सामने ही आपदा प्रबंधन मंत्री से बात की और किसानों की बातों को उनके सामने रखा. इससे पहले 17 जनवरी को दुहई-सुहई गांव में पान की खेती का जायजा लेने ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार आये थे. मंत्री श्रवण कुमार ने ही यहां के किसानों की समस्या से कृषि मंत्री को अवगत कराया था. उसके बाद यहां पर कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार आये और किसानों की बर्बाद हुई पान की खेती का अवलोकन किया. इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजय कुमार, कृषि समन्वयक तकी अहमद, मंटू चौरसिया, दीपक चौरसिया, कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया, डॉ प्रवीण कुमार, जामा सिंह, रामलगन चौधरी, यदुनंदन प्रसाद, रामकृष्णा प्रसाद चौरसिया, चंद्रिका प्रसाद चौरसिया, अनुप चौरसिया गुड्डू चौरसिया सहित अन्य मौजूद थे. इससे पहले कृषि मंत्री वीरायतन संस्थान में चल रहे मेगा आंख जांच शिविर में भाग लिया. उन्होंने वहां पर मरीजों के बीच कंबल वितरण कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस मौके पर आचार्य चंदना जी, साध्वी संप्रज्ञा जी, साध्वी चेतना जी, साध्वी संघमित्रा जी, साध्वी रोहिणी जी, मैनेजर अंजनी कुमार सिंह, वार्ड पार्षद सह भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विकास कुमार कुशवाहा, पूर्व वार्ड पार्षद डॉ. प्रवीण कुमार, भाजपा नेता यदुनंदन प्रसाद, जामा सिंह, पथरौरा पैक्स अध्यक्ष मंटू चौरसिया सहित अन्य मौजूद थे.
10 एकड़ में लगी पान की फसल का हुआ नुकसान
गांव के 70 से 80 किसानों की 10 एकड़ में लगी पान की खेती पूरी तरह से सूख गयी है. इससे किसानों का एक करोड़ की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है. यहां के किसानों की जीविका पान की खेती से ही जुड़ी हुई है. पान की खेती करने वाले किसान मौजूदा समय में सरकार व बैंक द्वारा लोन नहीं देने के कारण प्राइवेट तरीके से कर्ज लेकर अपनी खेती करते हैं. एक बीघा पान की खेती में पांच लाख रुपये का खर्च आता है. चैत महीने से वे पान की खेती में जुट जाते हैं जो साल भर में तैयार होता है.
