न्यूनतम छह डिग्री व अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड
बिहारशरीफ : ठंड से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सोमवार को सुबह में कुहासा छाया रहा, मगर दिन चढ़ने के साथ धूप खिली. इससे लोगों ने राहत की सांस ली. लोगों ने छत, दीवार की आड़ में बैठकर धूप का आनंद लिया. मकर संक्रांति होने की वजह से लोगों ने स्नान-ध्यान कर धूप में बैठकर दही-चूड़ा, तिलवा, तिलकुट, गुड़ आदि का सेवन किया. तेज धूप होने की वजह से लोगों में उम्मीद जगी थी कि अब ठंड का असर धीरे-धीरे कम होगा, मगर जैसे-जैसे दिन बीतता गया ठंड का असर तेज होता गया और लोगों को अलाव तापने को मजबूर होना पड़ा. सोमवार को न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और रेकॉर्ड किया गया.
इस कारण लोग सोमवार की शाम में एक बार फिर से ठिठुरते हुए दिखे. सोमवार को नमी 77 प्रतिशत रही और 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चली. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो कड़ाके की ठंड का दौर अभी कुछ दिन और जारी रहेगा. न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रहने से कोल्ड डे की स्थिति बरकरार रही. लोग ठंड से बचने के लिए अलाव व हीटर से शरीर को गर्म करते रहे. जबरदश्त गलन के कारण लोग शाम से ही घरों में दुबके रहे. रिक्शाचालकों को ऑटोचालकों, फुटपाथी दुकानदारों व मजदुरों का ठंड से हाल बेहाल है.
मजदूर वर्ग काम की तलाश में ठंड के बावजूद रोज सुबह में घर से निकलते हैं, मगर उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी :
”ठंड को देखते हुए एहतियात के तौर पर जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं. अलाव की व्यवस्था जगह-जगह की गयी है. गरीब व असहाय लोगों के बीच कंबल बांटे जा रहे हैं. आम लोगों से अपील है कि वह भी अपने स्तर से ठंड से बचाव को लेकर जरूरी कदम उठाएं.”
– संजय कुमार, प्रभारी जिला आपदा प्रबंधन, नालंदा.
