सदर अस्पताल में तीन दिनों से एक्सरे सेवा बाधित

बिहारशरीफ : एक्सरे कराने के लिए रोगियों को इन दिनों करनी पड़ रही अपनी जेब ढीली. तीन दिनों से सदर अस्पताल में एक्सरे सेवा पूरी तरह से ठप है. लिहाजा हर दिन रोगियों को एक्सरे कराने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. यानि की हरेक दिन फजीहत उठानी पड़ रही है. रोगियों को इसकी […]

बिहारशरीफ : एक्सरे कराने के लिए रोगियों को इन दिनों करनी पड़ रही अपनी जेब ढीली. तीन दिनों से सदर अस्पताल में एक्सरे सेवा पूरी तरह से ठप है. लिहाजा हर दिन रोगियों को एक्सरे कराने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. यानि की हरेक दिन फजीहत उठानी पड़ रही है. रोगियों को इसकी सेवा के लिए शहर के निजी एक्सरे जांच घरों का सहारा लेना पड़ रहा है.

नये साल की शुरुआत से ही सदर अस्पताल में संचालित हो रही एक्सरे सेवा बंद हो गयी. सदर अस्पताल में रोगियों को बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार की ओर से एक्सरे की सुविधा की व्यवस्था की गयी है. यह सुविधा पीपीमोड पर सरकार की ओर से उपलब्ध करायी जा रही थी. एक्सरे सेवा के संचालक को पिछले एक साल से मरीजों को एक्सरे की सुविधा उपलब्ध कराने के बदल में दी जानी वाली राशि का भुगतान नहीं किया गया है.

लिहाजा संचालक ने पहली जनवरी 2018 से ही एक्सरे सेवा बंद कर दी है. लिहाजा अस्पताल में इसकी सेवा पूरी तरह से बाधित हो गयी. एक्सरे कक्ष में तीन दिनों से ताला लटका हुआ है.कक्ष के दरवाजे से रोगियों को वापस लौटनी पड़ रही है. बुधवार को भी जरूरतमंद दर्जनों रोगी एक्सरे के लिए अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते नजर आये. मरीज निराश होकर लौट गये.

अब तक बकाये राशि का भुगतान नहीं
एक्सरे व्यवस्थापक ने पिछले दिनों सिविल सर्जन से लेकर अस्पताल के उपाधीक्षक व प्रबंधक को पत्र देकर बकाये राशि के भुगतान की मांग की थी. साथ ही पत्र में कहा गया था कि यदि एक जनवरी से पहले बकाये राशि का भुगतान नहीं किया गया तो एक्सरे सेवा को बंद कर दी जायेगी. एक्सरे व्यवस्थापक का करीब 25 लाख रुपये का बकाया है. जब एक्सरे चालू था तब हर दिन 70-80 रोगियों का एक्सरे होता था. डॉक्टरों के परामर्श पर आसानी से इसकी सुविधा मिल जा रही थी. सेवा बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब व असहाय मरीजों को उठानी पड़ रही है. अब तक बकाये राशि का भुगतान नहीं होने से एक्सरे कक्ष में ताला लटका हुआ है.
टीबी रोगियों की भी बढ़ी है फजीहत
एक्सरे सेवा बाधित होने से वैसे तो सभी जरूरतमंद मरीजों को फजीहत उठानी पड़ रही है.सदर अस्पताल परिसर में संचालित जिला यक्ष्मा केन्द्र में इलाज को आने वाले टीबी के मरीजों को भी इन दिनों एक्सरे कराने में भी काफी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. टीबी के कई रोगियों का सदर अस्पताल के एक्सरे कक्ष में एक्सरे नहीं हो सका.ताला लटके रहने से मरीजों को शहर के निजी एक्सरे घरों का सहारा लेना पड़ा. मालूम हो कि घटना -दुर्घटना में घायल रोगियों,ब्रॉन काइटिस, मेडिकल जांच (उम्र पता लगाने में) समेत कई अन्य रोगों की आंतरिक जांच के लिए एक्सरे सेवा से पता चल पाता है.इसकी सेवा बंद होने से उक्त जांच कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है. सरकार की व्यवस्था के अनुरूप रोगियों को आसानी से इसकी मुफ्त सेवा में मुफ्त में पूर्व में मिल रही थी.
ढाई साल से पहले से ही अल्ट्रासाउंड सेवा है बंद
सदर अस्पताल में करीब ढाई साल से अधिक समय से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद है.अब एक्सरे सेवा बंद हो जाने से रोगियों की परेशानी और भी बढ़ गयी है. सोनोग्राफी सेवा के लिए तो जेब ढीली करनी पड़ ही रही थी. अब एक्सरे सेवा के लिए भी बाहर जाकर खर्च वहन करना पड़ रहा है. यानि की शहर के निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों व एक्सरों घरों का सहारा लेना पड़ रहा है. बकाये राशि का भुगतान नहीं होने के कारण अब एक्सरे सेवा बाधित हो गयी है.
क्या कहते हैं अधिकारी
एक्सरे व्यवस्थापक के बकाये राशि के भुगतान के लिए विभागीय कोशिश जारी है. ताकि सदर अस्पताल में जरूरतमंद रोगियों को एक्सरे की सेवा उपलब्ध हो सके.
डॉ शैलेंद्र कुमार,उपाधीक्षक

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