जिले के हरेक प्रखंड में बनेगा एक कृषि फीडर

बिहारशरीफ : साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा जिले में कृषि फीडर बनाने का कार्य शुरू हो गया है. एलएंड टी एजेंसी को यह काम मिला है. प्रथम चरण में प्रत्येक प्रखंड में एक ही कृषि फीडर बनाये जायेंगे. इस हिसाब से जिले के 20 प्रखंड हैं, जिसके लिए 20 कृषि फीडर बनाये जायेंगे. […]

बिहारशरीफ : साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा जिले में कृषि फीडर बनाने का कार्य शुरू हो गया है. एलएंड टी एजेंसी को यह काम मिला है. प्रथम चरण में प्रत्येक प्रखंड में एक ही कृषि फीडर बनाये जायेंगे. इस हिसाब से जिले के 20 प्रखंड हैं, जिसके लिए 20 कृषि फीडर बनाये जायेंगे.

प्रथम चरण के तहत बनने वाले कृषि फीडरों की कुल लंबाई 30 किलोमीटर होगी. जिले के छह प्रखंडों में कृषि फीडर बनाने का कार्य शुरू हो गया है. इनमें नूरसराय, हरनौत,चंडी,गिरियक,रहुई व इस्लामपुर प्रखंड शामिल है. इस कृषि फीडर के माध्यम से किसानों के डीजल से चलने वाले पंपों को कनेक्शन दिया जायेगा. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत कृषि फीडर के माध्यम से किसानों को आठ घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना है. किसानों को अलग से बिजली का कनेक्शन दिया जायेगा.

प्रथम चरण में कृषि फीडर से सभी किसानों को नहीं मिल पायेगी बिजली :
प्रथम चरण के तहत जिले के सभी किसानों को कृषि फीडर से बिजली नहीं मिल पायेगी. प्रखंडवाइज सभी किसानों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए कई फीडरों की जरूरत है. द्वितीय चरण में कृषि फीडरों की बढ़ोतरी होने पर प्रत्येक प्रखंड के सभी किसानों को कवर किया जा सकेगा. तब तक वैसे किसानों को अपनी खेत सिंचाई करने के लिए इंतजार करना होगा.
शाम चार बजे से 12 बजे रात्रि नहीं लागू होगा आरएलएसएस : साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने अब जितना पैसा, उतनी ही बिजली (आरएलएसएस) स्कीम लागू की है. इसके तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के बिल अदा करने की सक्रियता के आधार पर बिजली उपलब्ध करायी जायेगी. उपभोक्ताओं से प्राप्त राजस्व के आधार निर्धारित किया जायेगा उपभोक्ताओं को 24 घंटे में कितनी देर बिजली मिलेगी इस आरएलएसएस नियम के तहत विभाग द्वारा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के समय का निर्धारण कर दिया गया है. इस नियम में उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत देते हुए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने अब यह आदेश दिया कि संध्या चार बजे से 12 रात्रि के दौरान बिजली की कटौती नहीं की जायेगी. इस नये आदेश से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली है.
11 व 33 हजार वोल्ट के जर्जर तार बदले जा रहे : जिले में 11 हजार व 33 हजार वोल्ट के सभी जर्जर बिजली के तार बदले जा रहे हैं.
नूरसराय फीडर में 11 एवं 33 हजार वोल्ट के जर्जर बिजली के तार को बदलने का कार्य पूरा कर लिया गया है. अब अस्थावां फीडर में 11 व 33 हजार वोल्ट के जर्जर बिजली के तार बदले जा रहे हैं. इसी प्रकार अन्य फीडरों के जर्जर तार बदले जायेंगे.
क्या कहते हैं अधिकारी
” जिले के प्रत्येक प्रखंड में प्रथम चरण के तहत एक ही कृषि फीडर बनेंगे. प्रथम चरण के कृषि फीडर बनाने का कार्य शुरू हो गया है. नूरसराय, हरनौत, चंडी, गिरियक, रहुई, इस्लामपुर में कृषि फीडर का काम चल रहा है. आरएलएसएस स्कीम के तहत अब शाम चार बजे से 12 बजे रात्रि तक बिजली की कटौती नहीं की जायेगी.”
मो रिजवान अहमद, अधीक्षण अभियंता, नालंदा.

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