बिहारशरीफ : निर्बाध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की परेशानी अब बढ़ने वाली है. रेवेन्यू लिंक्ड सर्विस सप्लाई स्कीम अर्थात जितना पैसा, उतनी बिजली की आपूर्ति लागू हो चुकी है. विद्युत विभाग के बिहारशरीफ डिवीजन के लावा राजगीर व हिलसा डिवीजन में भी इसे लागू करने के लिए बिजली कट का चार्ट तैयार हो चुका है. इस नयी स्कीम के तहत जिस क्षेत्र से बिजली विभाग को जितना राजस्व प्राप्त होगा, उस क्षेत्र में उसी अनुपात से बिजली की आपूर्ति होगी. विभाग के बिहारशरीफ डिवीजन में यह योजना लागू हो चुकी है.
इस कारण शहरवासियों को अब नियत समय पर बिजली कट का सामना करना पड़ रहा है. इस नयी स्कीम से समय पर बिजली बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है. सबसे ज्यादा नाराजगी शहरी क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं में देखी जा रही है.
भरावपर के उपभोक्ता सिद्धेश्वर प्रसाद, मोहन कुमार, रामचंद्रपुर के सतीश प्रसाद, भैंसासुर के राजीव रंजन, पुलपर के वीरेंद्र कुमार आदि बताते हैं कि विभाग को सबसे ज्यादा राजस्व शहरी क्षेत्र से प्राप्त होता है. बिजली की प्रति यूनिट दर बढ़ने के बाद भी उन्होंने समय पर बिल का भुगतान जारी रखा, फिर बिजली चोरी करने वालों का ठीकरा उनके सिर पर विभाग क्यों फोड़ना चाहता है. बिजली विभाग के कार्यालय में फ्री में बिजली का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है. इन पर रोक लगाने के बजाय विभाग बिजली कट करने पर तुला हुआ है. अपनी कमियों को छिपाकर जान-बुझकर उपभोक्ताओं को विभाग द्वारा परेशान किया जा रहा है. बिजली विभाग के काॅलोनियों में बिजली की हो रही बर्बादी को रोकने का कदम उठाने से बचकर विभाग बिजली कट कर रहा है.
ऐसे में समय पर बिजली बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को विभाग द्वारा बिल का भुगतान न करने के लिए उकसाया जा रहा है. अधिकांश उपभोक्ताओं का कहना है कि जिस क्षेत्र से राजस्व प्राप्त नहीं होता है, उस क्षेत्र में बिजली कट हो तो कोई परेशानी नहीं है, मगर विभाग द्वारा सभी जगह बिजली कट लागू करना कहीं से भी सही निर्णय नहीं है.
बिहारशरीफ डिवीजन के कार्यपालक अभियंता इंद्रदेव कुमार बताते हैं कि यह बात सही है कि विभाग को सबसे ज्यादा राजस्व शहरी क्षेत्र से प्राप्त होता है, मगर बिजली कट करने में इस बात को ध्यान में रखा जा रहा है. बिजली कट ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में किया जा रहा है, शहरी क्षेत्र में कम समय के लिए बिजली कट हो रही है.
