दुष्कर्म के बाद हत्यारोपित को फांसी की सजा

बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के पाेक्सो स्पेशनल न्यायालय के प्रथम एडीजे शशिभूषण प्रसाद सिंह ने दुष्कर्म के बाद हत्या करने के अभियुक्त रोहन बिंद को फांसी की सजा सुनायी है. आरोपित पटना जिले के गौरीचक थाने के बेलदरिया गांव निवासी रोहन बिंद पर दुष्कर्म के बाद हत्या करने का मामला हिलसा थाने में 22 सितंबर, […]

बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के पाेक्सो स्पेशनल न्यायालय के प्रथम एडीजे शशिभूषण प्रसाद सिंह ने दुष्कर्म के बाद हत्या करने के अभियुक्त रोहन बिंद को फांसी की सजा सुनायी है. आरोपित पटना जिले के गौरीचक थाने के बेलदरिया गांव निवासी रोहन बिंद पर दुष्कर्म के बाद हत्या करने का मामला हिलसा थाने में 22 सितंबर, 2014 को दर्ज कराया गया था.

तीन वर्षीया बच्ची मुसकान के पिता दुखहरण बिंद के फर्द बयान पर यह प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. मामले के विचारण के दौरान पाेक्सो स्पेशनल पीपी जगत नारायण सिन्हा ने कुल 11 साक्षियों का परीक्षण करते हुए अभियोजन पक्ष से बहस की. 16 नवंबर, 2017 को न्यायाधीश ने आरोपित के खिलाफ आरोप को सही पाया. साक्ष्य के आधार पर आरोप को दोषी ठहराया गया तथा सजा पर फैसले की तिथि 25 नवंबर को निर्धारित की गयी थी. सजा निर्धारण पर निर्धारित तिथि

दुष्कर्म के बाद…
पर दोनों पक्षों के बहसोपरांत फैसला सुरक्षित रखा था. आरोपित के अपराध पर काफी गहन विचार विमर्श के बाद हत्या के अपराध के लिए फांसी की सजा, दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास तथा इसी प्रकार भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत सात वर्ष, पाेक्सो एक्ट के 4, 6 व 8 के तहत दस वर्ष और पांच वर्षों की सजा सुनायी गयी. आरोपीित को इन धाराओं के तहत दो-दो हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा. स्पेशल पीपी जगत नारायण सिन्हा के अनुसार आरोपित हिलसा थाना क्षेत्र स्थित बभनवरुई टोला गांव अपनी ससुराल घटना के दिन 21 सितंबर, 2014 की शाम साढ़े तीन बजे पहुंचा.
ससुराल में ताला बंद होने की स्थिति में पीड़िता की मां ने उसे अपने घर में बैठा कर आवभगत करते हुए पानी-नाश्ता दिया. तीन वर्षीया बच्ची भी वहीं थी, जिससे वह बात कर रहा था और बिस्कुट दिलाने के लिए उसे गोद में लेकर वह बाहर चला गया. शाम तक बच्ची को घर न पहुंचने पर खोजबीन परिवार वालों ने की. रास्ते में कुछ लोगों ने बताया कि रोहन बिंद गांव से उत्तर दिशा में बच्ची को लेकर गया है. गांव से एक किलोमीटर जाने पर अलंग के किनारे पटवन के गड्ढे में बच्ची का शव पड़ा था. उसकी गर्दन पर जख्म तथा गाल पर दांत काटने के निशान के साथ जननांग भी जख्मी था. आरोपित की काली टोपी उसी गड्ढे में थी, जो कोर्ट में भी प्रस्तुत की गयी थी. 17 जनवरी, 2017 को आरोपित का कोर्ट में बयान हुआ था. आरोपित ने 30 सितंबर, 2017 को स्वीकारोक्ति बयान भी दिया था. वहीं पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि कोर्ट के फैसले से मैं संतुष्ट हूं. कोर्ट से उन्हें न्याय मिला है.

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