नूरसराय में मिला चिकनगुनिया का मरीज

प्रकोप. ठंड में भी मिल रहे डेंगू व चिकनगुनिया के मरीज, विभाग सतर्क होगा टेक्निकल मालाथियॉन का छिड़काव बिहारशरीफ : ठंड की शुरुआत हो चुकी है. पछुआ हवा धीरे-धीरे तेज होने के साथ ही ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है. ठंड शुरू होने के बाद अमूमन तौर पर एडिज मच्छर का प्रकोप कम होने लगता […]

प्रकोप. ठंड में भी मिल रहे डेंगू व चिकनगुनिया के मरीज, विभाग सतर्क

होगा टेक्निकल मालाथियॉन का छिड़काव
बिहारशरीफ : ठंड की शुरुआत हो चुकी है. पछुआ हवा धीरे-धीरे तेज होने के साथ ही ठंड का प्रकोप बढ़ने लगा है. ठंड शुरू होने के बाद अमूमन तौर पर एडिज मच्छर का प्रकोप कम होने लगता है. पर विडंबना ही कहे कि ठंड की दस्तक देने के बाद भी जिले में अभी भी डेंगू व चिकनगुनिया के मरीज छिटपुट रूप से प्रतिवेदित हो रहे हैं. इस तरह डेंगू का डंक अभी पूरी तरह से थमा नहीं है. जिले के नूरसराय प्रखंड क्षेत्र में एडिज मच्छर ने एक महिला को डंक मार दिया.
लिहाजा वह बीमार हो गयी.ब्लड सैंपल की जांच में चिकनगुनिया की पुष्टि की गयी है. नूरसराय इलाके में चिकनगुनिया के नये रोगी मिलने के बाद नूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अलर्ट जारी कर दिया गया है. संबंधित गांव पर पैनी नजर रखने की हिदायत जिला मलेरिया विभाग की ओर से दी गयी है. साथ ही, डेंगू व चिकनगुनिया के संदिग्ध रोगियों पर नजर रखने को कहा गया है.
तनूरसराय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत पचरिया गांव में एक महिला एडिज मच्छर के काटने से बीमार हो गयी है.
उक्त महिला के ब्लड सैंपल की जांच पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में की गयी. जहां पर जांच रिपोर्ट में चिकनगुनिया होने की पुष्टि की गयी है. पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने इसकी सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग को दी है. दी गयी सूचना में कहा गया है कि पचरिया की सोनी देवी चिकनगुनिया की चपेट में है. इस सूचना के बाद जिला मलेरिया विभाग सजग हो गया है. एडिज मच्छर के लार्वा को खत्म करने के लिए अब उक्त गांव में टेक्निकल मालाथियॉन का छिड़काव कराया जायेगा. जिला मलेरिया विभाग के छिड़काव दल के लोग वहां पर जाकर दवा का स्प्रे करेंगे.
चिकनगुनिया के 23 मरीज अब तक हो चुके हैं चिह्नित :इस बार भी नालंदा जिले के विभिन्न इलाकों में डेंगू के साथ-साथ चिकनगुनिया के भी मरीज प्रतिवेदित हुए हैं. जिले के विभिन्न प्रखंडों में चिकनगुनिया के 23 रोगियों की पहचान की गयी है. डेंगू व चिकनगुनिया एडिज मच्छर के काटने से ही होता है. दोनों रोगों के लक्षण एक-दूसरे से मिलता जुलता है. चिकनगुनिया की पुष्टि एलाइजा जांच से ही होती है. एलाइजा जांच पटना में होती है. संदिग्ध रोगियों की पहचान होने के बाद ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए पीएमसीएच,आरएमआरआई व नालंदा मेडिकल कॉलेज,पटना भेजा जाता है.जहां माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डेंगू व चिकनगुनिया के एलाइजा जांच की जाती है.वहीं से रिपोर्ट आने के बाद डेंगू या चिकनगुनिया होने की कंफर्म पुष्टि की जाती है.
सदर अस्पताल में 14 बेड का बना है डेंगू वार्ड :डेंगू व चिकनगुनिया के चिह्नित रोगियों के भर्ती के लिए सदर अस्पताल में विशेष डेंगू वार्ड बनाया गया है. इस वार्ड में कुल 14 बेड लगाये गये हैं. यह वार्ड चिकित्सीय सुविधाओं से लैस है. मरीजों की चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टर से लेकर पारा मेडिकल स्टॉफ की व्यवस्था की गयी है.
इसके अलावा जिले के हरेक पीएचसी,रेफरल व अनुमंडलीय अस्पतालों में भी पांच-पांच बेड के डेंगू वार्ड बनाये जा चुके हैं. साथ ही डेंगू के प्रारंभिक जांच की भी व्यवस्था इन अस्पतालों में उपलब्ध है.
अब तक जिले में मिले चुके हैं डेंगू के 47 रोगी
नालंदा जिले में इस बार अब तक डेंगू के 47 रोगी प्रतिवेदित हो चुके हैं.जिले के विभिन्न प्रखंडों में इसके मरीज प्रतिवेदित हुए हैं.जिसमें से सबसे अधिक सदर प्रखंड बिहारशरीफ क्षेत्र में चिंहित हुए हैं.इस प्रखंड में दस से अधिक मरीज मिल चुके हैं.अधिकतर मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो गये हैं.हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल मरीजों की संख्या में कमी आयी है.बावजूद विभाग पूरी तरह से सजग है.जिस इलाके में मरीज प्रतिवेदित हो रहे हैं.संबंधित क्षेत्रों में एडिज मच्छर के लार्वा को खत्म करने के लिए जिला मलेरिया विभाग की ओर से टेक्निकल मालाथियॉन का छिड़काव कराया जा रहा है.
क्या कहते हैं अधिकारी
ठंड शुरू हो गयी है.अब डेंगू का डंक थमेगा. कमोबेश दिसंबर माह तक इसके रोगी मिलने की संभावना होती है. जैसे ही तापमान में गिरावट आयेगी मरीज मिलने कम हो जायेंगे. अब इक्के-दुक्के ही रोगी मिल रहे हैं. जिन इलाकों में रोगी अब तक चिह्नित हुए हैं, वहां टेक्नीकल मालाथियॉन का स्प्रे कराया जा चुका है. हर बुखार डेंगू या चिकनगुनिया नहीं होता है.लक्षण प्रतीत होने के बाद निकट के अस्पतालों में जाकर इलाज करायें. हरेक अस्पताल में जांच व इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं.
डॉ रवींद्र कुमार, डीएमओ,नालंदा
डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण
तेज बुखार, जोड़ों में दर्द
शरीर में लाल रंग का धब्बा
बचाव के उपाय
लक्षण प्रतीत होने के बाद डॉक्टरों से लें सलाह
डॉक्टरों के परामर्श पर ही दवा लें
घरों के गमलों का पानी बदलें
घरों व गड्ढों में नहीं जमने दें पानी

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