शादी का इंतजार कर रहे लोगों में उमंग
बिहारशरीफ : लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर से शादियों का दौर शुरू होने वाला है. वैसे तो लगभग चार माह तक देव शयनी के कारण शुभ कार्यों पर लगा विराम 31 अक्तूबर को देवोत्थान एकादशी के साथ ही समाप्त हो गया था, लेकिन विवाह मुहूर्त की शुरूआत शुक्रवार से ही हुई है. पं श्रीकांत शर्मा बताते हैं कि हिंदू समाज में शादी-विवाह के अवसर को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए जन्म भर के इस पवित्र रिश्ते में बंधने के लिए शुभ मुहूर्त्त में ही विवाह संस्कार आयोजित किये जाते हैं.
ऐसा माना जाता है कि शुभ लग्न में किया गया विवाह कल्याणकारी होता है. भगवान विष्णु के शयन से जागने के उपरांत ही शुभ कार्य शुरू होते हैं. सूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के साथ ही सारे मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं. हालांकि शादि-विवाह जैसे रश्मों को पूरा करने के लिए शुभ लग्न तथा मुहूर्त्त की जरूरत पड़ती है. इस वर्ष नवंबर महीने में 17 तारीख से ही शादि-विवाह के शुभ मुहूर्त्त बन रहे हैं. हालांकि 22 नवंबर तथा 23 नवंबर को अच्छे लग्न बन रहे हैं. इसके अतिरिक्त भी शुभ विवाह के अन्य कई मुहूर्त्त हैं जिनमें कम समय का लग्न अथवा दिन के लग्न शामिल हैं.
10 दिसबंर तक रहेगी धूम :
देवोत्थान एकादशी के शुरू होने वाला शुभ लग्न 10 दिसंबर तक रहेंगी. पं श्रीकांत शर्मा ने बताया कि दिसंबर माह में भी चार अच्छे लग्न हैं. इनके भी एक दिसंबर से लगातार चार दिसंबर तक शहनाईयां बजेगी. इसके बाद लगातार 9,10 तथा 11 दिसंबर तक भी लोग वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कर सकेंगे. इसके बाद शुक्रास्त होने के कारण पूरे जनवरी 2018 तक वैवाहिक कार्य स्थगित रहेंगे.
नववर्ष में हैं अच्छे शुभ लग्न :
पं. श्रीकान्त शर्मा ने बताया कि नव वर्ष 2018 में जनवरी को छोड़कर फरवरी माह से लगातार जुलाई माह तक कई शुभ लग्न हैं. इनमें 24 फरवरी 2018 का लग्न सबसे उत्तम है. एक मार्च तथा पांच मार्च को भी अच्छे लग्न हैं. अप्रैल में 9, मई में 6, जून में 6 तथा जुलाई महीने में तीन अति उत्तम लग्न हैं. अपनी आवश्यकतानुसार लोग शुभ लग्न का चयन कर सकते हैं.
