एक पिस्टल, दो कारतूस व 3.7 किलो गांजा बरामद
बिहारशरीफ (नालंदा) : नालंदा पुलिस ने एसटीएफ की सूचना के बाद झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई की विध्वंसक योजना पर पानी फेर दिया. पुलिस ने मंगलवार की रात हिलसा बाजार से संगठन के सक्रिय सदस्य व पटना की बहादुरपुर हाउसिंग कॉलोनी में हुए बम ब्लास्ट के मुख्य आरोपित सोनू कुमार व उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से एक देसी पिस्तौल, दो कारतूस, 3.7 किलो गांजा व दो मोबाइल बरामद किये गये हैं.
एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने बताया कि दो दिन पहले पटना एसटीएफ की टीम ने नालंदा पुलिस को सूचित किया कि पीएलएफआई हिलसा बाजार स्थित शिवम मेडिकल हॉल व परिवार वस्त्रालय नामक दो प्रतिष्ठानों के मालिकों से मोटी लेवी लेने के फिराक में हैं. पीएलएफआई संगठन के बिहार जोन का सुप्रीमो गणेश शंकर झारखंड के हजारीबाग जेल में बंद है.
वहीं से संगठन के सक्रिय सदस्यों को आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए निर्देशित करता है. एसपी ने बताया कि सोनू दूसरे आपराधिक मित्रों के साथ मिलकर उक्त दोनों प्रतिष्ठानों के सामने बम
पटना ब्लास्ट का…
फेंक कर व फायरिंग कर के व्यवसायियों के बीच दहशत फैला कर लेवी वसूलने की योजना पर काम कर रहा था. इस पूरे मामले की जानकारी के बाद हिलसा एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती के नेतृत्व में एक रेडिंग टीम का गठन किया गया. टीम में हिलसा थानाध्यक्ष आरके झा, सअनि शैलेंद्र कुमार झा, राज कुमार यादव सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे. मंगलवार की रात संगठन का सक्रिय सदस्य व नालंदा जिले के थरथरी थाने के अमेरा गांव निवासी शिव कुमार प्रसाद के पुत्र सोनू कुमार योजना को अंजाम देने को लेकर हिलसा बाजार के बस स्टैंड के पास पहुंचा हुआ था, जहां से छापेमारी टीम द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
इसके बाद पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसका एक और दोस्त गांजा लेकर उसके पास आनेवाला है. पुलिस ने अमेरा गांव निवासी विजय सिंह के पुत्र गोलू कुमार को 3.7 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार कर लिया. एसपी ने बताया कि 2014 में संगठन के सुप्रीमो गणेश शंकर के कहने पर सोनू ने हिलसा सूर्य मंदिर के पास पर्चा फेंक थे तथा कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था.
गिरफ्तार पीएलएफआई के सदस्य सोनू कुमार व गोलू कुमार के साथ एसपी सुधीर कुमार पोरिका व अन्य.
