ड्राइवरों की हड़ताल के कारण हो रही फजीहत
छोटे वाहनचालक वसूल रहे मनमाना भाड़ा
बिहारशरीफ : बिहारशरीफ-बख्तियारपुर मार्ग में दूसरे दिन में बड़े वाहनों का परिचालन ठप रहा. इस मार्ग में बड़े वाहनों का नियमित परिचालन होने में एक-दो दिन और समय लग सकता है. तब तक लोगों को छोटे वाहनों का ही सहारा लेना होगा. बड़े वाहनों का परिचालन नहीं होने से दिनभर यात्रियों को फजीहत हुई.
बख्तियारपुर में ट्रेन से उतरने वाले लोगों को तो फजीहत हुई साथ ही बिहारशरीफ से ट्रेन पकड़ने के लिए बख्तियारपुर जाने वाले यात्रियों को भी भारी परेशानी हुई. निश्चित समय का निर्धारण करके घरों से चलने वाले जब स्टैंड पहुंचे तो जानकारी हुई. मजबूरी में छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ा. छोटे वाहन वाले भी मौके का खूब फायदा उठाये नजर आये. टेंपो वाले बख्तियारपुर जाने वाले एक यात्री से 50 रुपये भाड़ा वसूल कर रहे थे. इस मार्ग के हरनौत व वेना जाने लोगों को भी परेशानी हो रही है. नियमित कामगारों को भी आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा. इस दौरान अन्य लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. लोगों को कहा कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है.
क्या है परिचालन ठप रहने का कारण
बताया जाता है कि कुछ दिन हरनौत मारपीट हुई थी. जिसमें एक वाहन मालिक की हत्या हो गयी थी. हत्या के आरोप में ड्राइवर जेल में है. बाद में वाहन मालिक व ड्राइवरों के बीच एक समझौता हुआ था. समझौते के अनुसार अग्रेतर कार्रवाई नहीं होने के कारण ड्राइवरों ने एकजुटता दिखाते हुए शुक्रवार से वाहन परिचालन को ठप कर दिया है. ड्राइवरों की मांग है कि जब तक समझौते को नहीं माना गया तब तक वाहन परिचालन नहीं करेंगे.
क्या कहते हैं यात्री
ट्रेन छूटने का है सता रहा डर
वारसलीगंज से बिहारशरीफ पहुंचे हैं. यहां पता चला कि वाहन परिचालन ठप है. बख्तियारपुर जाना है. समय से नहीं पहुंचे तो ट्रेन भी छूट जायेगी.
अनिल कुमार
लिया जा रहा मनमाना भाड़ा
बड़े वाहनों का परिचालन नहीं होने से छोटे वाहन वाले मनमाना भाड़ा वसूल रहे हैं. 25 के स्थान पर 50 रुपये लिया जा रहा है. इसमें समय भी जाने में अधिक लगेगा.
दिनेश कुमार
हड़ताल से हुई परेशानी
काम से बिहारशरीफ आये है. आने में भी अधिक भाड़ा देना पड़ा है. अब जाने पर भी ज्यादा भाड़ा देना पड़ रहा है. हड़ताल के कारण परेशानी हुई. खर्च भी दोगुना करना पड़ा.
अवधेश सिंह
समय की भी हुई बर्बादी
जमुई से यहां आये थे. अब बख्तियापुर होते हुए जाना है. आने-जाने में भारी परेशानी हुई. भाड़ा भी ज्यादा देना पड़ा. समय की भी बर्बादी हुई है. टेंपो से जाना खतरे से खाली भी नहीं है.
जियाउल हक
