बिहारशरीफ : अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में स्थित महाभारत कालीन धरोहरों में से एक मगध सम्राट जरासंध का अखाड़ा की उपेक्षा दिल को कचोटने वाली है. इससे पर्यटकों को भारी परेशानी हो रही है.
पर्यटन विभाग की उपेक्षा के शिकार इस धरोहर को देखने की ललक रखने वाले पर्यटक जैसे-तैसे यहां आते हैं. यहां आने वाले पर्यटक मल्लयुद्ध की विद्या में निपुण सम्राट जरासंध के इस अखाड़े पर आकर आपस में मल्लयुद्ध की कलाबाजी करना नहीं भूलते हैं. शुक्रवार को इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने के लिए पटना व जहानाबाद के पर्यटक सपरिवार यहां पहुंचे. मुख्य सड़क के किनारे वाहन खड़ा कर लोग जैसे-तैसे अखाड़ा स्थल पहुंचे. जरासंध के अखाड़े पर चढ़ने के बाद इसकी हो रही उपेक्षा से तरस खाने लगे. अखाड़े में उगे बड़े-बड़े घास-फूस देख इन पर्यटकों की आह निकल गयी.
अखाड़ा के चारों तरफ अवलोकन करने के बाद पर्यटक शीघ्र ही वहां से रवाना हो गये. जाते समय ये पर्यटक आपस में महाभारत कालीन इस धरोहर की उपेक्षा पर अपनी-अपनी नराजगी और भड़ास पर्यटन विभाग पर निकाल रहे थे. इन पर्यटकों का कहना था कि जरासंध अखाड़ा के पास केवल पर्यटन विभाग का एक बोर्ड लगा दिया गया है, जबकि यहां बुनियादी सुविधाएं कुछ भी नहीं है.
घने जंगलों के बीच स्थित जरासंध के इस अखाड़े के रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों को देखने के लिए देश-विदेश के पर्यटक खींचे चले आते हैं, मगर पर्यटन विभाग की कुंभकर्णी निद्रा से पर्यटकों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है. यहां आने वाले पर्यटक इस धरोहर के आसपास सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है.
