गढ़हारा : पूर्व-मध्य रेल के गढ़हारा यार्ड में गढ़हारा-बरौनी रेलखंड पर बीते 28 अक्तूबर की शाम को ड्यूटी के दौरान मालगाड़ी के गार्ड अभिकांत कुमार को डिब्बे में घुसकर बेहरहमी से पिटाई कर पिस्तौल के बट से प्रहार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया था. मालूम हो कि 72 घंटे बीतने के बावजूद घटना को अंजाम देनेवाले अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से रेलवे गार्ड एवं लोको पायलटों समेत अन्य रेलकर्मियों में रोष है.
कई रेलकर्मियों ने बताया कि तीन दिन बीतने के बाद भी अपराधकर्मी की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की विफलता है. लगातार घटनाओं के बाद रनिंग कर्मचारी समेत अन्य विभाग के रेलकर्मी रात्रि ड्यूटी को लेकर सहमे हुए हैं, जबकि कर्मी के परिजन भयभीत हैं. इस संबंध में बरौनी जीआरपी ने बताया कि गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी अभियान जारी है.
सूत्रों की मानें, तो कई रेलकर्मी रात्रि ड्यूटी करने से कतराने लगे हैं. ज्ञात हो कि गत माह पूर्व बरौनी जंक्शन पर सोनपुर मंडल के डीआरएम के साथ सुरक्षा एवं संरक्षा को लेकर रेलकर्मी समेत परजिनों की संयुक्त सेमिनार हुई थी. उक्त सेमिनार में रेलकर्मियों एवं परिजनों की सुरक्षा और संरक्षा पहली प्राथमिकता की बात कही गयी थी. इसके बावजूद रेलकर्मियों की सुरक्षा की अनदेखी लगातार होती रही है. रनिंग कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि जान-बूझकर सुनसान जगहों व आउटर सिग्नल के पास घंटों ट्रेन को रोककर घटनाओं को अंजाम दिया जाता है. वहीं, ईसीयूआरकेयू के मंडल अध्यक्ष शिव प्रसाद यादव एवं केंद्रीय उपाध्यक्ष एनके मेहता ने भी कहा कि स्थानीय रेल अधिकारी की मनमानी को लेकर रेल कर्मचारी समेत यात्रियों को भी अपराधियों का निशाना बनना पड़ता है,
जबकि रनिंग कर्मचारी समेत अन्य कर्मी ने इसकी शिकायत जीआरपी के डीएसपी अंजनी कुमार झा व मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर से भी की है. इसके बावजूद इस गंभीर समस्या के प्रति संवेदनहीन बने हुए हैं. मामला जो भी हो, रेल प्रशासन की उदासीनता के कारण आये दिन कोई ना कोई रेलकर्मी अपराधियों का निशाना बनने को विवश हैं. विदित हो कि इन दिनों गढहारा-बरौनी रेल परिक्षेत्र में बढ़ते आपराधिक घटनाओं को लेकर संपूर्ण रेलकर्मचारी और परिजन डरे व सहमे हुए हैं.
