हरनौत. रविवार को प्रखंड के कई जगहों पर कार्तिक अक्षय नवमी को लेकर महिला श्रद्धालुओं के द्वारा आंवला के पेड़ के नजदीक पूजा-अर्चना की गयी. इस दौरान महिलाओं ने आंवले के वृक्ष में धागे बांधकर एक सौ आठ फेरी लगाया. महिलाओं ने उपवास रहकर आंवला पेड़ के नीचे ही भोजन बनाकर पूजा-अर्चना की गयी. किया. आंवले के वृक्ष के नजदीक पंच देवता को पूजा अर्चना करते हुए भुआ में वस्त्र सहित गुप्त दान करते हैं.
मान्यता है कि कार्तिक अक्षय नवमी के दिन पूजा-अर्चना करने से परिवार में सुख शांति प्राप्त होती है. पति की आयु लंबी होती है. इस दौरान पुरोहित के द्वारा वृक्ष के नीचे ही अक्षय नवमी व्रत कथा सुनाया जाता है. पुरोहित नुनू पांडेय ने बताया कि अक्षय नवमी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे पूजा अर्चना एवं कुष्मांड दान किया जाता है. यह पूजा भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है. इस दिन वृक्ष के नीचे किया गया अन्य दान, वस्त्र दान ही गुणकारी होता है. भोजन भी स्वयं के अलावा ब्राहृमण को भी आंवले वृक्ष के नीचे ही करना चाहिए.
