बिहारशरीफ : जिले में सर्टिफिकेट केस के दस हजार मामले पेंडिंग है. पेंडिंग मामलों का निबटारा नहीं हो रहा है. प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी बकाया रकम को लोग जमा नहीं कर रहे हैं. इन मामलों में बैंक लोन के सबसे सर्वाधिक मामले है. बैंक से लोन लेकर राशि गटकने वालों की संख्या […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : जिले में सर्टिफिकेट केस के दस हजार मामले पेंडिंग है. पेंडिंग मामलों का निबटारा नहीं हो रहा है. प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी बकाया रकम को लोग जमा नहीं कर रहे हैं. इन मामलों में बैंक लोन के सबसे सर्वाधिक मामले है. बैंक से लोन लेकर राशि गटकने वालों की संख्या 7052 है. इसमें सर्वाधिक स्टेट बैंक के 4572 मामले हैं. बैंकों की देनदारी 4081222954. 44 रुपये की है. साथ ही विभिन्न सरकारी कार्यालयों का भी करीब छह करोड़ रुपये का सर्टिफिकेट चल रहा है. सरकारी विभागों में सबसे ज्यादा परिवहन कार्यालय के 1262 मामले हैं.
परिवहन कार्यालय का करीब 16077750.38 करोड़ का बकाया है. इसके बाद विद्युत विभाग का नंबर है. नीलाम पत्र प्रभारी पदाधिकारी का कहना है कि सरकारी विभाग के मामले हो या बैंकिंग का सभी नोटिस देकर बकाया राशि जमा करने का आदेश जारी किया गया है. आदेश तामिला करने के लिये थाना स्तर पर नोटिस दी गयी है. साथ ही ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने को भी कहा गया है. इसके साथ ही कुर्की जब्ती भी की जाती है. इसके बाद भी नहीं रकम जमा करने वालों के खिलाफ बॉडी वारंट भी निकाला जाता है.
क्या है मामला
वैसे मामले जो विभागीय स्तर पर नहीं निबट पाता है. विभाग द्वारा मामले का हस्तांतरण नीलाम पत्र कार्यालय को कर दिया जाता है. ऐसे लोगों वाहन टैक्स के डिफॉल्टर, विद्युत विभाग के बडे बकायेदार होते हैं. इन बकायेदारों से रकम वसूल करने के साथ ही सभी तरह का दंडनीय कार्रवाई करने का अधिकार नीलाम पत्र अधिकारी को प्राप्त हो जाता है. बकायेदार की संपत्ति से भी रकम वसूल करने का भी प्रावधान है.
सरकारी कार्यलयों द्वारा किया सर्टिफिकेट केस
विभिन्न 7052, परिवहन 1262, विद्युत 496, सेल्स टैक्स 228, विकास 287
वन विभाग 05, उद्योग 03, खादी 15
लगान 25, जिला परिषद 01, नगर निगम 82, पुनर्वास 51, राज्य खाद्य निगम 33