गोलापुर के हवाई अड्डे को उड़ान स्कीम में किया गया शामिल
बिहारशरीफ : नालंदा के लोगों को जल्द ही हवाई सफर का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा. अपने शहर के चार किलोमीटर दूर स्थित गोलापुर में स्थित हवाई अड्डे से यह सुविधा मिलने जा रही है. गोपालपुर स्थित हवाई अड्डे को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम ‘उड़ान’ में शामिल किया गया है. सरकार ने गोलापुर हवाई […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : नालंदा के लोगों को जल्द ही हवाई सफर का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा. अपने शहर के चार किलोमीटर दूर स्थित गोलापुर में स्थित हवाई अड्डे से यह सुविधा मिलने जा रही है.
गोपालपुर स्थित हवाई अड्डे को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम ‘उड़ान’ में शामिल किया गया है. सरकार ने गोलापुर हवाई अड्डा सहित सूबे के 26 ऐसे उपेक्षित हवाई अड्डों से ‘उड़ान’ सेवा शुरू करने के लिए एयरलाइंस कंपनियों से सरकार ने प्रस्ताव मांगा है. राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने जानकारी दी है. रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत ऐसे हवाई अड्डे जो फिलहाल सेवा रहित हैं या कम सेवा वाले हैं, को शामिल किया गया है.
इस योजना का उद्देश्य उड़े देश का आम आदमी है. क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और ग्राहकों को कम लागत वाले हवाई टिकट प्रदान करना एवं सभी लोगों के लिए सस्ता हवाई यात्रा का अवसर प्रदान करना है.
विमान किराया होगा कम :
उड़ान योजना के तहत प्रति घंटे 2500 रुपया हवाई टिकट का किराया लगेगा. एक घंटे में 500 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकती है. चुने गये ऑपरेटर को एक हफ्ते में कम से कम तीन फ्लाइट्स और अधिकतम सात फ्लाइट्स संचालित करना होगा. हेलीकॉप्टर पर 30 मिनट की यात्रा के लिए 2500 रुपये अदा करने होंगे.
50 एकड़ में बना गोलापुर का हवाई अड्डा : स्थानीय गोलापुर का हवाई अड्डा फिलहाल 50 एकड़ क्षेत्र का है. पूरे एरिया का बाउंड्री वॉल से घेरा जा चुका है. रंग-रोगन व मुख्य द्वार का निर्माण कार्य चल रहा है. सूत्र बताते हैं कि इस हवाई अड्डे के एरिया में और बढ़ोतरी की जा सकती है. इसके लिए आसपास के भू-खंडों का अधिग्रहण भी किया जा सकता है.