अस्पताल के प्रभारियों को किया गया अलर्ट

आदेश. 14 बेडों का सदर अस्पताल में डेंगू वार्ड खुला डंक से बचाव में जुटा स्वास्थ्य विभाग बिहारशरीफ : बरसात के मौसम में लोगों को जलजनित से लेकर मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए हमेशा सर्तक रहने की जरूरत है. इसी मौसम में अमूमन तौर पर डेंगू मच्छर का प्रकोप भी एक तरह से […]

आदेश. 14 बेडों का सदर अस्पताल में डेंगू वार्ड खुला

डंक से बचाव में जुटा स्वास्थ्य विभाग
बिहारशरीफ : बरसात के मौसम में लोगों को जलजनित से लेकर मच्छर जनित रोगों से बचने के लिए हमेशा सर्तक रहने की जरूरत है. इसी मौसम में अमूमन तौर पर डेंगू मच्छर का प्रकोप भी एक तरह से सक्रिय हो जाती है. जरा सी लापरवाही बरतने पर डेंगू के डंक की चपेट में लोग आ सकते हैं. बरसात के मौसम में डेंगू के डंक मारने की आशंका बढ़ जाती है. अतैव सेहत के प्रति हमेशा लोगों को सजग रहने की सख्त जरूरत है. घरों के आसपास जलजमाव व गंदगी नहीं फैलने दें.
डेंगू के डंक को लेकर विभाग भी है अलर्ट :बरसात के समय में डेंगू मच्छर से बचाव को लेकर जिला स्वास्थ्य महकमा भी पूरी तरह से सजग हो गया है. इससे निबटने की मुकम्मल तैयारी में विभाग के अधिकारी जुटे हुए हैं. ताकि इसके संदिग्ध मरीजों की पहचान होने की स्थिति में उससे से आसानी से निबटा जा सके.यानी कि संदिग्ध रोगियों के चिह्नित होने पर सहज रूप से चिकित्सा सेवा पीड़ित लोगों को उपलब्ध करायी जा सके. हालांकि जिले में अभी तक डेंगू के एक भी कंफर्म मरीज प्रतिवेदित नहीं हुआ है. बावजूद विभाग जिला स्वास्थ्य विभाग इससे निपटने की मुकम्मल तैयारी कर रखा है. जिले के किसी भी भाग में यदि डेंगू या चिकिनगुनिया के संदिग्ध या कंफर्म मरीज प्रतिवेदित होते हैं तो इससे पीड़ित लोगों के इलाज के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुकम्मल व्यवस्था की जा चुकी है. सदर अस्पताल में डेंगू वार्ड खोला गया है. मरीजों के इलाज के लिए सदर अस्पताल परिसर में खोले गये डेंगू वार्ड में कुल 14 बेड लगाये गये हैं. साथ ही मच्छरदानी की भी व्यवस्था की गयी है.इस वार्ड को पूरी तरह से चिकित्सीय सुविधाओं से लैस किया गया है.मरीज भर्ती होने पर इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सक रोगी का इलाज करेंगे.इसी तरह जिले के हरेक पीएचसी व अनुमंडलीय अस्पताल में पांच-पांच बेड के डेंगू वार्ड की व्यवस्था की गयी है.
जिले के अस्पतालों को सजग रहने की हिदायत
डेंगू को लेकर जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर अनुमंडलीय अस्पतालों के क्रमश: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व उपाधीक्षकों को अलर्ट रहने की हिदायत जिला मलेरिया पदाधिकारी ने दी है.संदिग्ध मरीज मिलने पर इसकी सूचना अविलंब उपलब्ध कराने को कहा गया है.साथ ही संदिग्ध मरीजों के स्वास्थ्य जांच कर जांच रिपोर्ट में यदि बीमारी की पुष्टि होती है तो तुरंत उसकी चिकित्सा शुरू कर दी जाय.
चिकिनगुनिया को लेकर भी सजगता
डेंगू से ही मिलता जुलता बीमारी चिकिनगुनिया को भी लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने सजगता बरतने के लिए जिले के प्रभारियों को अलर्ट जारी किया है.यदि जिले के किसी भी प्रखंड क्षेत्र में इसके मरीज भी प्रतिवेदित होते हैं तो इसकी सूचना भी प्रभारियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.कहा गया है कि इस रोग के लक्षण यदि किसी में दिखाई पड़े तो संबंधित व्यक्ति की जांच की व्यवस्था अविलंब करायी जाय.संबंधित क्षेत्र में जरूरत पड़ने पर मेडिकल टीम भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे.गौरतलब हो कि हर बुखार डेंगू या चिकिनगुनिया नहीं होता.डेंगू चिकिनगुनिया व जीका एडिज नामक मच्छर काटने से यह बीमारी होती है.डीएमओ का कहना है कि जीका की चपेट में अमूमन तौर गर्भवती महिलाएं आती हैं.अतैव जीका से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को विशेष तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है.

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