सरकारी खाते की भेजें रिपोर्ट मुख्य सचिव ने मांगी जमा-निकासी विवरणी
बिहारशरीफ : सूबे में इन दिनों घोटालों का बाजार गर्म है. सरकारी खाते से फर्जी निकासी को देखते हुए जिला प्रशासन इसे गंभीरता से नजर रखे हुए है. इसी कड़ी में मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को पत्राचार करके सरकारी खाते में जमा और निकासी राशि पर रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है. सभी सरकारी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बिहारशरीफ : सूबे में इन दिनों घोटालों का बाजार गर्म है. सरकारी खाते से फर्जी निकासी को देखते हुए जिला प्रशासन इसे गंभीरता से नजर रखे हुए है. इसी कड़ी में मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को पत्राचार करके सरकारी खाते में जमा और निकासी राशि पर रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है. सभी सरकारी कार्यालयों के खाते की जमा और निकासी को फॉमेंट में भरकर मांगा गया है.
आदेश के आलोक में जिला प्रशासन ने सभी विभागों के व्ययन व निकासी पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि खातों में उपलब्ध राशि व हुए जमा निकासी की विवरणी 25 अगस्त तक जिला नजारत शाखा को सौंप दें. जिलाधिकारी ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देकर उक्त प्रतिवेदन को निर्धारित फॉर्मेट में जिला नजारत शाखा को दिया जाये.
इसके बाद पूरे जिले के समेकित प्रतिवेदन तैयार की जायेगी. तत्पश्चात समेकित कर प्रधान सचिव वित्त विभाग को 28 अगस्त तक भेजा जाना है. सूबे के अन्य जिले में प्रकाश में आ रही फर्जी निकासी को लेकर प्रशासन पहले भी आदेश जारी कर रखा है. सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों व कार्यालयों के नाजिरों को आदेश दिया है. चेक, रोकड़ पंजी व नाजिर रसीद के रखरखाव में पूर्णत सावधानी बरतने को कहा गया है. साथ ही, नियमित अंतराल पर कैश बुक,खाता व कैश की गहन जांच करते रहे. व्यवहृत व अव्यवहृत चेकों को सही तरीके से संधारित रखने को कहा गया है. बैंकों को भी आदेश दिया गया है कि सभी खातों को एसएमएस अलर्ट कर दें.
कार्यालय प्रधान से कंफर्म होने के बाद ही निर्गत चेकों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है. किसी तरह की वित्तीय अनियमितता ना हो इसके लिए बैंकों में आवश्यकतानुसार कम-से-कम खाता रखने को कहा गया है. सूबे में फर्जी निकासी का मामला उजागर होने के बाद सरकारी कार्यालयों में इन दिनों चर्चा का विषय बना रहता है. अफसर से लेकर कर्मी तक में डर बन गया है.
तरह-तरह की चर्चा चलता रहता है. लोगों के बीच चर्चा है कि स्वयं सहायता समूह बहुत पहले यहां भी चला करता था.