Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पीएंडटी (पानी टंकी) चौक स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के उपरांत प्रसूता सोनी कुमारी (28) की संदेहास्पद स्थिति में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. परिजनों के कड़े विरोध और निष्पक्ष जांच की मांग को देखते हुए बुधवार को प्रशासनिक निर्देश पर मेडिकल बोर्ड का गठन कर मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद जैसे ही शव परिजनों को सौंपा गया, आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर प्राथमिकी दर्ज करने व मुआवजे की मांग को लेकर शेरपुर चौक पर शव रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं.
परिजनों की मांग पर डीएम ने गठित किया मेडिकल बोर्ड
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मृतका के परिजनों ने इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई थी. परिजनों के आग्रह पर मिठनपुरा थानाध्यक्ष अजय कुमार ने जिलाधिकारी से संपर्क साधकर चिकित्सकों के विशेष मेडिकल बोर्ड का गठन कराया. मेडिकल बोर्ड की निगरानी में वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक साक्ष्य सामने आ सके.
शेरपुर पहुंचते ही मचा कोहराम, एनएच पर शव रख प्रदर्शन
पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब प्रसूता का शव उसके पैतृक निवास शेरपुर पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया. रोते-बिलखते परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने निजी अस्पताल प्रबंधन की मनमानी और लापरवाही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. गुस्साए लोगों ने शेरपुर चौक पर शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर एनएच को पूरी तरह जाम कर दिया. प्रदर्शनकारी अस्पताल संचालक, संबंधित डॉक्टर और ड्यूटी पर मौजूद नर्स के विरुद्ध गैर-इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने और आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे.
पुलिस की समझाइश के बाद हटा जाम, उच्चस्तरीय जांच की मांग
एनएच जाम होने की सूचना मिलते ही कच्ची-पक्की ओपी पुलिस टीम तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित लोगों से वार्ता की और दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया. काफी मशक्कत और समझाइश के बाद परिजन शांत हुए और सड़क से शव हटाकर आवागमन को सुचारू कराया जा सका. इधर, स्थानीय सरपंच नंदन कुमार ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके.
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