मुजफ्फरपुर से सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट
Wilson Disease SKMCH: श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में एक अत्यंत दुर्लभ बीमारी का मरीज मिला है.सीतामढ़ी के एक 16 वर्षीय किशोर में ‘विल्सन रोग’ की पुष्टि हुई है.यह मरीज पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल आया था, जहां गहन जांच के बाद इस दुर्लभ बीमारी का पता चला.पीड़ित किशोर का इलाज फिलहाल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ.सतीश कुमार सिंह की यूनिट में चल रहा है.डॉक्टरों के अनुसार, किशोर को करीब एक साल से यह बीमारी थी, जिसके कारण उसके व्यवहार में चिड़चिड़ापन भी आ गया था.जब मरीज के पेट का अल्ट्रासाउंड कराया गया, तो उसके लीवर में गंभीर समस्या दिखाई दी.इसके बाद डॉक्टरों को विल्सन रोग का संदेह हुआ.
क्या है विल्सन रोग और इसके लक्षण
चिकित्सकों के मुताबिक, विल्सन रोग 20 हजार लोगों में से किसी एक को होने वाली एक बेहद दुर्लभ जेनेटिक (अनुवांशिक) बीमारी है.इसमें शरीर की तांबे (कॉपर) को ग्रहण करने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे लीवर, ब्रेन और आंखों जैसे महत्वपूर्ण अंगों में तांबा जमा होने लगता है.अगर माता-पिता दोनों में दोषपूर्ण जीन मौजूद हों, तो बच्चे को यह विकार हो सकता है.इस बीमारी के मुख्य लक्षणों में पेट में लगातार दर्द रहना, शरीर में कंपकंपी होना, बर्ताव में अचानक बदलाव आना, भूख नहीं लगना और आंखों में तांबा जमने के कारण रिंग की तरह गोला बनना शामिल है.
पहली बार मिला मरीज, इलाज बेहद महंगा
उपाधीक्षक डॉ.सतीश कुमार सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पहली बार इस बीमारी का मरीज मिला है.इसका इलाज काफी खर्चीला होता है और इसकी दवाएं बहुत महंगी आती हैं.मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए एसकेएमसीएच प्रशासन की तरफ से उसे ₹60,000 की दवा मुफ्त दी गई है.डॉ.नेहा ने जानकारी दी कि मरीज को अभी छह महीने की दवा दी गई है.नेत्र रोग विभाग की जांच में भी किशोर की आंख में तांबा जमने की पुष्टि हुई थी.वर्तमान में डॉ.नेहा और डॉ.अविरल की देखरेख में मरीज का इलाज सुचारू रूप से चल रहा है.
