बेमौसम बरसात का कहर : खेतों में डूबी किसानों की उम्मीदें

बेमौसम बरसात का कहर : खेतों में डूबी किसानों की उम्मीदें

मीनापुर. बेमौसम बारिश ने मीनापुर प्रखंड और इसके आसपास के किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है. ऐसे में बुधवार की देर रात से लेकर गुरुवार की दिन भर तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण गेहूं को भारी नुकसान हुआ है. वहीं, बारिश और तेज हवा के कारण किसानों के सामने विकट स्थिति पैदा हो गई है. खेत में पड़ी गेहूं की फसल से बेहतर उपज मिलने की उम्मीद धराशायी हो गई है. कृषि के जानकारों की मानें तो गेहूं पक जाने के बाद अगर बारिश होती है तो गेहूं के दाने काले पड़ने लगते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, ओलावृष्टि नहीं होने से किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिली है. किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी फसल को बचाना है. अलीनउरा किसान क्लब के संयोजक नीरज कुमार सिंह बताते हैं कि अभी पचास फीसदी से अधिक किसानों की दौनी होनी बाकी है. खेतों में गेहूं काटकर टाल लगाया गया है. सहजपुर के नीरज कुमार सिंह, सुजीत कुमार सिंह, उमाशंकर सिंह, प्रदीप कुमार व अन्य किसानों का टाल खेत में लगा हुआ है. बेमौसम बरसात से काफी नुकसान पहुंचा है. वहीं, पूर्व मुखिया सदरूल खान ने राज्य सरकार से सर्वेक्षण कराकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है. ब्रह्ंडा में इनके अलावा मो. इस्लाम, मो. लुकमान, जयलाल पासवान, मो. रिजवान, राकेश प्रसाद, मिश्री पासवान, राजकुमार पासवान व ननकी पासवान आदि किसानों के गेहूं के खेतों में पानी लग गया है.

गर्मी से मिली राहत, किसान परेशान

हथौड़ी. गुरुवार की सुबह तेज हवा के साथ हुई बारिश से जहां एक ओर गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है. तैयार गेहूं की फसल को बारिश से काफी नुकसान हुआ है, जिससे किसान परेशान हैं. वहीं, बेरई गांव में आकाशीय बिजली तार पेड़ पर गिर गया, जिससे पेड़ में आग लग गई. हालांकि, इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. वहीं, बारिश के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति चरमरा गई है. इस कारण पानी की समस्या सुबह से ही बनी रही. देर शाम तक बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल नहीं हो सकी है, जिससे लोग अंधेरे में रात गुजारने को विवश हैं. बच्चों का पठन-पाठन भी ठप हो गया है.

खेत में जलजमाव से गेहूं की फसल डूबी

साहेबगंज. तेज आंधी व लगातार हो रही वर्षा के कारण गेहूं की फसल के साथ ही आम व लीची के मंजर को भी भारी नुकसान हुआ है. वहीं, मूंग की बोआई कर लेने वाले किसान भी मूंग के कुप्रभावित होने के अंदेशे से चिंतित हैं. रामपुर असली के रमेश कुमार, जीताछपड़ा के मनोज कुमार, सलेमपुर के संजय सिंह, सेमरा नन्हकार के विजय कुमार सिंह व जितेंद्र कुमार सिंह एवं रुपछपड़ा के चौधरी चरण सिंह, भूषण राय व मायाशंकर राय समेत अन्य किसानों ने बताया कि वे लोग गेहूं की कटाई करा चुके थे. गेहूं खेत में ही पड़ा था. इस बीच हुई वर्षा के कारण खेत में जल जमाव होने से गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. उन लोगों ने आम व लीची के मंजर को भी भारी नुकसान होने की बात कही.

मोतीपुर में वज्रपात से दो किसान झुलसे

मोतीपुर. वज्रपात से खेत में काम कर रहे दो किसान झुलसकर जख्मी हो गए. मोतीपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में गुरुवार को वज्रपात की चपेट में आने से खेत में गेहूं की फसल काट रहे दो किसान झुलसकर जख्मी हो गए. घटना की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से इलाज के लिए दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया, जहां दोनों की चिकित्सा चल रही है. जख्मी किसानों की पहचान मुन्नी लाल सहनी (40) एवं संजय सहनी (35) के रूप में हुई है. जख्मी संजय सहनी ने बताया कि वे सभी खेत में लगे गेहूं की फसल काट रहे थे, तभी आसमान में जोर से बिजली कड़कने की आवाज के साथ बिजली पांच कदम की दूरी पर गिरी. उसके बाद वे दोनों बेहोश हो गए. इलाज कर रहे चिकित्सक संदीप कुमार ने बताया कि दोनों खतरे से बाहर हैं.

आंधी में पीपल का पेड़ घर पर गिरा, एक व्यक्ति की मौत

पारू. पारू थाना क्षेत्र के कोइरिया खास गांव में गुरुवार की अहले सुबह भीषण आंधी में पीपल का पेड़ घर पर गिर जाने से एक व्यक्ति की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. मृतक की पहचान कोइरिया खास गांव निवासी स्वर्गीय भोला सहनी के 60 वर्षीय पुत्र भीम सहनी के रूप में हुई है. वहीं, इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम हेतु मेडिकल भेज दिया है. मिली जानकारी के अनुसार, भोला फूस के घर में खाना खाकर सोए थे. इसी बीच गुरुवार की अहले सुबह तेज आंधी आई, जिससे घर पर पीपल का पेड़ गिर गया, जिससे वे पूरी तरह दब गए. ग्रामीणों ने मलबे के नीचे से भोला सहनी को निकाला तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

देवरियाकोठी में ठनका गिरने से एक मजदूर की मौत, महिला झुलसी

देवरियाकोठी. देवरिया थाना के सोहांसी गंडक नदी दियारा में तैयार गेहूं की फसल को खराब मौसम को देखते हुए समेट रहे मजदूर पर गुरुवार को ठनका गिर गया. घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. वहीं, एक महिला समेत तीन लोग झुलस गये. घायलों को इलाज के लिए अस्पातल में भर्ती कराया गया है, जिसमें एक की हालत गंभीर है. ग्रामीणों ने बताया कि सोहांसा गांव निवासी बैधनाथ राम (60), सोहांसी गांव निवासी शत्रुह्न ठाकुर (55), साहेबगंज थाना के महुआनी टोला निवासी अर्जुन राय (65) और सुधा देवी (62) सोहांसी गांव स्थित गंडक नदी दियारा में अपने-अपने गेहूं के तैयार फसल को थ्रेसिंग कराने के लिए समेट रहे थे. इसी दौरान तेज गर्जन के साथ बूंदा-बूंदी बारिश से बचने के लिए बैधनाथ राय व महिला सहित तीनों व्यक्ति थ्रेसिंग के लिए गए ट्रैक्टर के बगल में छुप गए थे. इसी दौरान वहीं पर एक पेड़ पर वज्रपात हो गया. इससे बैधनाथ की मौत घटनास्थल पर ही हो गई. देवरिया अपर थानाध्यक्ष अमरेश कुमार ने शव को पोस्टमार्टम हेतु एसकेएमसीएच भेज दिया है.

औराई की 26 पंचायतों में फसल डूबी, किसानों पर आफत

औराई. तेज हवा के साथ गुरुवार की सुबह से शाम तक रुक रुक कर मूसलाधार वर्षा से प्रखंड के किसानों को व्यापक स्तर पर क्षति हुई है. मूसलाधार वर्षा ने किसानों के मुंह से निवाला छीन लिया है, किसानों की तैयार गेहूं, मसूर, खेसारी व तेलहन की फसल को पूरी तरह बर्बाद हो गयी है. प्रखंड के रतवारा पश्चिमी, पुर्वी, रामपुर, अतरार, अमनौर, भलूरा, राजखंड उत्तरी, राजखंड दक्षिणी, मथुरापुर बुजुर्ग, विशनपुर गोखुल, आलमपुर सिमरी, बभनगावां, नयागांव, भरथुआ, जनार महेशवारा, औराई, सरहंचिया समेत 26 पंचायतों में तैयार गेहूं की फसल के खेत में वर्षो का पानी जमा हो गया है. कटनी हो चुकी गेहूं की फसल पानी में डूब गयी है. अतरार पंचायत के रसलपुर गांव निवासी किसान विजय कुमार राय, हरिश्चंद्र राय ने बताया कि पांच एकड़ में लगी गेहूं की फसल कट कर तैयार थी. गुरुवार को दौनी होनी थी मगर खेत में वर्षा का पानी लगने से अब कुछ नहीं बच पाया. रामपुर पंचायत के पैक्स अध्यक्ष गोपाल प्रसाद यादव ने बताया कि प्रकृति ने किसानों को एक बार कंगाल कर दिया है. बैगना के किसान हरिओम कुमार ने कहा कि सरकार किसानों की फसल की भरपाई करे. फसल नुकसान होने से पूरे इलाके में किसानों के बीच त्राहिमाम मचा हुआ है. प्रखंड कृषि अधिकारी नागेंद्र कुमार ने बताया कि वर्षा से किसानों को क्षति हुई है.

सकरा में भी किसानों को नुकसान

सकरा. प्रखंड में गुरुवार को तेज हवा के साथ लगातार हो रही वर्षा से किसानों के सैकड़ों एकड़ खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल बर्बाद हो गयी है. इससे किसानो मे मायूसी है. किसानों के अनुसार गेहूं की फसल तैयार है. कटनी शुरू है.

द्वारिका नगर में गिरा ठनका, इंसुलेटर ब्लास्ट

मुशहरी. मुशहरी थाना क्षेत्र के द्वारिका नगर गांव में गुरुवार की दोपहर 1 से 2 बजे के बीच तार के पेड़ पर ठनका गिर गया. ठनका गिरते ही पेड़ के छज्जे में आग लग गई. गांव के बमबम कुमार, अंजनी कुमार, राजीव रंजन आदि ने बताया कि दोपहर में तेज हवा के साथ बादल गरजने लगे. आकाश में बिजली चमकी. अचानक जोरदार आवाज हुई. ऐसा लगा जैसे पास में कोई विस्फोट हुआ हो. मुशहरी थाना क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में सुबह से आठ बजे तक और दोपहर एक बजे से देर शाम तक बिजली आपूर्ति ठप रही. जेई राकेश कुमार भारती ने बताया कि ठनका गिरने से मुशहरी के माधोपुर, नरसिंहपुर समेत कई जगहों पर 33 केवीए का इंसुलेटर चार जगहों पर फट गया. बारिश रुकने के बाद उसे बदला गया. छपरा मेघ भोजपुर टोला में 11 हजार केवीए का तार भी क्षतिग्रस्त हो गया था. उसे भी ठीक कर दिया गया है.

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Author: PRASHANT KUMAR

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